देवास(खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि प्रदेश मे कहीं भी राजनीतिक और सामाजिक आयोजन मे सौ से अधिक लोग इकट्ठे हुए और कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन किया गया तो आयोजकों के खिलाफ एफ आय आर दर्ज की जाएगी साथ ही भीड़ को नहीं रोक पाने पर कलेक्टर पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी ।
देवास मे जिला प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता का फायदा उठाकर मैरेज गार्डनों मे बड़ी भीड़ जुट रही है और कोविड-19 के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है ।
यही हाल राजनीतिक आयोजनों का भी है जिसमे निर्धारित स्वीकृति से अधिक भीड़ जुटाकर जनजीवन से खिलवाड़ और कोविड-19 का विस्तार किया जा रहा है ।
देवास जिला प्रशासन मैरिज गार्डनों मे शादी-ब्याह के लिये स्वीकृति सिर्फ़ सौ लोगों की देता है और पलटकर नहीं देखता जिसके परिणाम स्वरुप पांच सौ से हजार और उससे भी अधिक लोग जमा होकर दो गज की दूरी,मास्क जरुरी जैसे निर्देशों धज्जियां उड़ा रहे हैं और कोविड-19 के संक्रमण विस्तार मे बड़ी भूमिका भी निभा रहे हैं ।
देवास प्रशासन की इस अनदेखी और लापरवाही का फायदा गार्डन संचालक और आयोजक बड़ी आसानी से उठा रहे हैं । देवास अनुविभागीय अधिकारी प्रदीप सोनी से इस संबंध मे बात की तो उनका कहना है कि सूचना और शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी ।
इधर हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी राजनीतिक और सामाजिक आयोजन की विडियो बनाकर कोई भी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भेज सकता है ।रजिस्ट्रार यह विडियो कोर्ट के संज्ञान मे लाएंगे और कोर्ट कार्रवाई करेगा ।
अब देवास जिले मे तो कोविड-19 की गाइड लाईन,नियम-निर्देश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं प्रशासन उदासीन और बेखबर है । अब प्रशासन जागरुक होकर कार्रवाई करेगा और कोर्ट के आदेश का पालन कराएगा या जनता जागरुक होकर भीड़ की विडियो कोर्ट के रजिस्ट्रार को भेजकर प्रशासन और आयोजकों पर कार्रवाई कराएगी ? यह समय ही बताएगा ।


