


देवास (शाकिर अली दीप/खुमानसिंह बैस) आबूधाबी में चल रहे आईपीएल क्रिकेट मैच पर सोनकच्छ मे नीमच के सटोरिये करोड़ों के दांव लगवा रहे थे और स्थानीय पुलिस अनजान बनकर अप्रत्यक्ष सहयोग कर रही थी । मुखबिर से ख़बर मिलने पर एसटीएफ उज्जैन ने देवास जिले के सोनकच्छ में इंदौर-भोपाल हाईवे स्थित पप्पू एण्ड़ पप्पू रिसोर्ट से शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात को दबिश देकर छह सटोरियों को शिकंजे मे लेकर 26 लाईन का हाईटेक ब्रीफकेस जंक्शन, 45 मोबाइल और 2 लैपटाॅप जब्त किये और एक लाख पाँच हजार नकदी समेत दो कार भी जब्त की। मामले में एसटीएफ उपनिरीक्षक जेएस परमार और सहयोगियों द्वारा पकड़े गए सभी सटोरियों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जहाँ एसटीएफ पुलिस की पूछताछ की मांग को लेकर प्रथम श्रेणी न्यायाधीश श्रीमती रूचितासिंह गुर्जर ने दो दिन का पीआर दिया। एसटीएफ उप-निरीक्षक जेएस परमार ने बताया कि पकड़े गए सभी सटोरिये नीमच निवासी हैं । इस मामले मे रितेश उर्फ कालू पिता रमणलाल जैन, प्रशांत उर्फ गुल्लू पिता रमेशचन्द्र जसवानी, सुनील उर्फ चिक्की पिता गोपाल गोयल, इसरार पिता निसार अली, जाहिद पिता मोहम्मद शहीद कादरी, ब्रजेश उर्फ बन्टू पिता रमणलाल जैन को गिरफ्तार किया गया।
मामले में रिसोर्ट संचालक से भी पूछताछ जारी है और रिसोर्ट में ठहरने वाले मुसाफिरों के आने-जाने का रजिस्टर भी हमारे पास जब्त है। पकड़े गए सटोरिये लैपटाॅप पर पेन ड्राईव से आरएसीइ साॅफ्टवेयर के माध्यम से सट्टा लगाने वाले लोगों के एकाउंट में लेनदेन का हिसाब करते थे। 26 लाईन का हाईटेक ब्रीफकेस भी संभवतः बड़े शहर के सटोरियों की मदद से बनवाया गया है जिसमें एक साथ एक बार में 26 लोग कनेक्ट होकर बात कर सट्टा लगा सकते हैं।
सोनकच्छ मे पहले भी एक बड़े जुआ अड्डे से अनेक जुआरी पकड़ाए थे और थाना प्रभारी को निलंबित कीया गया था ।सोनकच्छ मै बड़े स्तर पर रसूखदार अवैध कारोबारी सक्रिय हैं ।
एसटीएफ टीम में उप-निरीक्षक परमार के साथ सउनि. देवेन्द्र कुशवाह, आरक्षक सुनिल झा, आरक्षक पुष्पेन्द्र यादव, आरक्षक राजपालसिंह यादव, आरक्षक संजय शुक्ला, आरक्षक राजेन्द्र परिहार मौजूद थे।
एसटीएफ द्वारा छापामारकर क्रिकेट सट्टा कारोबार का पर्दाफाश करना स्थानीय पुलिस की सांठगांठ प्रमाणित करता है । पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शिवदयालसिंह के अवैध पर अंकुश की वास्तविकता क्या है ये सोनकच्छ के पप्पू एण्ड पप्पू रिसोर्ट मे संचालित क्रिकेट के सट्टे से पता चल जाता है जास पर एटीएस नृ जाल डालकर सटोरियों को गिरफ्तार किया और करोड़ों के सट्टा कारोबार का खुलासा करते हुए अनेक मोबाइल ,लेपटाप,कार और नकदी जप्त किये गये ।

