

देवास (खुमानसिंह बैस) देवास का महात्मा गांधी जिला अस्पताल बद से बदहाल है… अवैध वसूली करने वाली डॉक्टर और नर्सों का जाल है… रिश्वत देकर मनचाही नियुक्ति लेना भ्रष्टो का कमाल है और प्रशासनिक मौन सवाल है? । जिले के मुख्य चिकित्सालय मे दलालों का राज चलता है । गरीब ,मजबूर घायल,बीमार ,गर्भवती महिलाएंं और उनके परिजनों से अवैध वसूली और लूट यहां की पहचान बन गई है । आम हो या खास, या विभाग के ही रिश्तेदार प्रसूति वार्ड की डॉक्टर,कुछ नर्से और दाईयां उन्हें डरा,धमकाकर लूट ही लेते हैं । डॉ शोभा राणा,पुष्पा पवैया और अन्य वर्षों से जमी होकर अपनी पसंदीदा नर्सों सहित दाईयों के सहयोग से जमकर अवैध वसूली करती हैं । पहले घर पर बुलाकर इलाज और जांच मे कमिशन लिया जाता है फिर जिला चिकित्सालय मे डिलेवरी और ऑपरेशन कर हजारों रुपये ले लिये जाते हैं । अवैध वसूली कर डराया भी जाता है कि प्रायवेट नर्सिंगहोम मे 20-25 हजार लगते हमने 5-7 हजार मे ही कर दिया । कुछ आशा,,ऊषा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित दाईयां भी प्रसुताओं को रिश्वतखोर डॉक्टरों के जाल मे फांसकर कमिशन लेती हैं । शासकीय योजनाओं के नाम पर गरीबों को लूटा जाता है और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ,चिकित्सालय अधीक्षक को पता नहीं चलता या उनकी मौन ?सहमति से सब चलता है?। यहां मनमानी अवैध रकम देने के लिये कोईःगहने गिरवी रखता है तो कोई ब्याज पर रुपये लाता है ।नहीं देने वालो को इन्दौर भेजना यहां के अयोग्य और कमिशनखोरों की आदत है । क्या इन्दौर एम .व्हाय.के डॉक्टर अमेरिका या जापान के हैं? या उनके पास कोई और डिग्री है?। इतना बड़ा शजिला अस्पताल , लम्बा चौड़ा स्टाफ ,ट्रामा सेन्टर,आय सी यू और इमरजेंसी सब नौटंकी और दिखावा है?। चिकित्सालय मे महिला सुरक्षा गार्ड भी सुरक्षित नहीं हैं । कुछ सुरक्षा गार्डो ने गार्ड लोकेश के साथ सीएमएचओ , कलेक्टर ,एस पी और करणी सेना अध्यक्ष श्रीमती रेखासिंह बैस को लिखित ,हस्ताक्षरित शिकायत की है कि ठेकेदार रविन्द्र गोयल और सुपरवायजर ओम योगी शराब पीकर उन्हें अश्लील मैसेज और बातें करते हैं । दूसरी गार्ड से दोस्ती कराने और संबंध बनाने के लिये दबाव भी बनाते हैं और अय्याशों से दोस्ती नहीं करने की बात पर बदनाम करने की बात भी करते हैं । सुपरवायजर ओम योगी शराब पीकर महिला सुरक्षा गार्ड से कहता है मुझसे दोस्ती कर लो और आनंद करो ।अभी हम जवान हैं जो कर लिया वह कर लिया,बात हमारे बीच रहेगी ।जब गार्ड ने कहा सर मेरे पति हैं परिवार है तब योगी कहता हैं मुझे पता है तुम्हारे पति यहां नहीं रहते हैं ,क्या फायदा बदनामी हो सकती है या कोई अनहोनी भी , इस मामले मे एक गार्ड के पति ने योगी और गोयलसे बात की तो माफी मांगने लगे ,एक महिला गार्ड भी उनका पक्ष लेकर माफ करने को कहने लगीं ।अधिकारियों को शिकायत करवाने वाले गार्ड लोकेश को कोई पटेल देखलेने की बातें भी कर रहा है । पीड़ित महिला सुरक्षा कर्मियों की मांग है की महिला सुरक्षा कर्मियों पर बुरी और गंदी नजर रखने वाले ,शराबी और हरामी सुपरवायजर हटाये जाएं,ठेकेदार पर उचित कार्रवाई हो,अश्लीलता करने वाले और धमकी देने वालों पर प्रकरण दर्ज हो ,हमारी सुरक्षा की जाए और महिलाओं का सम्मान करने वालों को ठेका दिया जाए ।अब देखना यह है कि जिला सअस्पताल के शराबी ठेकेदार और सुपरवायजर पर कार्रवाई होती है या उन्हें बचा लिया जाता है ?। कलेक्टर को यहां की एक एक अव्यवस्था का पता है और वह रोगी कल्याण समिति की बैठक मे इसे स्वीकार चुके हैः । आखिर निरीक्षण का मतलब क्या है? जब कोई कार्रवाई नहीं हो तो? । महिला विधायक यू तो प्रचार मे बनी रहती हैः लेकिन जिला चिकित्सालय मे अवैध वसूली,रिश्वतखोरी और अव्यवस्थाओं पर उनका ध्यान ही नहीं है । क्या वास्तव मे कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला,विधायक गायत्रीराजे पवार,सीएमएचओ एम पी शर्मा ,सिविल सर्जन अतुल बिडवाई, आरएमओ गौसर को कुछ पता नहीं है या कोई अन्य कारण है?। कलेक्टर श्रीशुक्ला और सीएमएचओ एम पी शर्मा को जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं को गंभीरता से लेना चाहिए और सुव्यवस्थाओं को कायम करना चाहिए ।

