अमृतनगर और अलकापुरी से जहरीले दूध का व्यपारदेश के दुश्मन अभिषेक,राकेश गिरी और सतेन्द्र राजावत गिरफ्तार (लाखों का सिंथेटिक दूध और मशीन जप्त)

देवास (खुमानसिंह बैस) वह हजारों लिटर जहरीला सिन्थेटिक प्रशासनिक नुमाइन्दों,खाद्य विभाग और नगरनिगम के स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे सिव्हिल लाइन थाना और प्रशासनिक अधिकारियों के निवास से लगी कॉलोनी मे बनाकर आसानी से काला कारोबार चला रहे थे और किसी को नजर भी नहीं आ रहे थे ।मुखबिर की सूचना पर ही सिन्थेटिक दूध बनाने बनाने की फैक्ट्री एवं मिलावटखोर गिरोह का पर्दाफाश हो गयाऔर श्रेय पुलिस लेकर अधूरी जांच के साथ अपने प्रचार मे जुट गई । बैंक नोट प्रेस थाना पुलिस ने तीन आरोपी चार पहिया वाहन, 750 लिटर मिलावटी सिन्थेटिक दूध सहितचार लाख पिंनचानवे हजार रूपए का सामान जप्त करना बताया है ।मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई को मुख्यमंत्री और पुलिस विभाग के वरिष्ठतम अधिकारियों सहित देवास पुलिस अधीक्षक शिवदयालसिंह के निर्देशानुसार प्रेसनोट मे कार्रवाई बताया गया । इस कथित सफलता मे अतिपुअ जगदीश डाबर, नपुअ विवेक सिंह, उपुअ किरण शर्मा के निर्देशन में थाना प्रभारी बैंक नोट प्रेस मुकेश इजारदार सहित उनकी टीम को श्रेय दिया जा रहा है । दिनांक 30 जनवरी 2021 की रात मे मुखबीर की सूचना पर थाने के पास आवास नगर गेट के सामने इण्डेन गैस वितरण करने वाले एक चार पहिया मारूति सुपर कैरी वाहन क्रमांक एमपी 41 एल ए 2811 को रोककर चैक किया गया । वाहन मे सवार अभिषेक गिरी सहित 17 केन दूध मिला । अभिषेक ने पूछताछ मे बताया कि वह उसके अंकल राकेश गिरी के साथ मिलकर दूध मे ग्लूकोज ,केमिकल मिलाकर मिलावटी सिन्थेटिक दूध तैयार कर दूध के बड़े प्लान्ट और कम्पनी मे बेच रहे थे । इस जानकारी पर राकेश गिरी के डेरी परिसर मे संचालित सिन्थेटिक दूध बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारकर वहा से एक नीली केन मे 22 लीटर ग्लूकोज केमिकल, एवं मिक्सिंग मोटर, प्लेन्जर जप्त कर राकेश गिरी की गिरफ्तारी की गई । समाज और देश के लिये गिरी हुई हरकत और जहरीला व्यपार करने वाले आरोपी राकेश गिरी से केमिकल के बारे में पता करने पर बताया गया कि केमीकल मूलतः जिला मुरैना के निवासी सतेन्द्र उर्फ बच्चु पिता रविन्द्र सिंह राजावत हाल निवासी अमृत नगर देवास से खरीदा जाता है ।सतेन्द्र कोभी गिरफ्तार किया गया । तीनों आरोपियो को गिरफ्तार कर उनसे कुल 4 लाख 95 हजार रू का मश्रुका जप्त करना बताया गया। इस बारे मे जानकारी के लिये थाना प्रभारी द्वारा फोन नहीं उठाया गया । सीएसपी विवेकसिंह ने बताया कि मेरी टी आय से बात नहीं हुई है । एएसआय अजय साहनी ने बताया कि नकली सिंथेटिक दूध बड़े प्लांट और कारखानों मे बैचते थे लेकिन प्लांट और कारखानों का नाम नहीं बाता पाए ।बताया जाता है कि नकली दूध के कारोबारियों कि संबंधित विभागों से सांठगांठ है और वह बड़ी रिश्वत देकर आसानी से जनता को जहर परोस रहे थे । इन पर इन्दौर मे भी मामले दर्ज हैं ।इस मामले मे खाद्य विभाग द्वारा भी सैम्पल लिए जाने की औपचारिकता की गई । आरोपियो के विरूद्ध धारा 420, 269, 272, 273 भादवि एवं खाद्य अधिनियम की धारा 26(2)-(i)-(ii), 51] 59 का अपराध दर्ज कर विवेचना मे लिया गया है। गिरफ्तार दो आरोपीयो की अपराधिक पृष्ठभूमि है जो पूर्व में भी इस तरह के अपराधो मे इंदौर मे गिरफ्तार हुए हैं । आरोपियों को बचाने के लिये कुछ सफेदपोश भी सक्रिय बताये जा रहे हैं ।गिरफ्तार आरोपियो के विरूद्ध रासूका की कार्रवाई भी प्रस्तावित बताई जा रही है।जप्त माल :-1- 17 केन मिलावटी दूध 750 लीटर – कीमत 33 हजार 750 रूपए2 – 22 किलो ग्लूकोज केमिकल – कीमती 07 हजार रूपए3 – एक मोटर एवं प्लेन्जर – कीमती 04 हजार 250 रूपए4- मारूति सुपर कैरी वाहन – कीमत 04 लाख 50 हजार रूपएकुल कीमती 4 लाख 95 हजार रूपए का मश्रुका जप्तगिरफतार आरोपी :- अभिषेक पिता हरिगिरी गोस्वामी नि0 अलकापुरी जिला देवासराकेश पिता रमेश गिरी निवासी गोपालराव घडगे नगर देवास, सतेन्द्र उर्फ बच्चू पिता रविन्द्र राजावत नि0 अमृतनगर देवास बताया जाता है कि सिंथेटिक दूध के कारोबारी स्थानीय डेयरियों पर भी अपना माल बैच रहे थे । कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला को इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच करानी चाहिये और सांसद सहित विधायक को भी इस मामले को देखना चाहिये कि आरोपियों को कड़ी सजा मिले ।