
देवास (खुमानसिंह बैस) वह वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान और समर्पित कर्तव्यपालन करते थे,अपने व्यवहार और सहयोग सृ जरुरतमंदो के जीवन मे खुशियों के खूबसूरत रंग भरते थे । आप इन्सानियत की मिसाल थे इसीलिए मशहूर उर खुशहाल थे । पुलिस विभाग मे लगातार सेवा देने वाले परिवार के फारुख खान का स्वर्गवास उनसे जुड़े आधिकारियों से लेकर समाज और अनेक परिवारों के लिए असहनीय रहा है । आपके दोनों बेटे फिरोज खान और जावेद खान भी पुलिस विभाग मे सक्रियता और स्वरिम सफलताओं के प्रतीक होकर हाल ही मे उनकी पदोन्नति पर सेवानिवृत थानेदार फारुख खान ने अपने हाथो से एक बेटे को सितारा लगाया था और बहुत खुश थे । इन्सान को इन्सान समझकर प्रेम,सम्मान और सहयोग आपकी आदत मे शामिल था । आप विशेष रुप से बेटियों के विवाह मे निरंतर सहयोग करते थे और उसे प्रचारित करने सृ साफ मना करते थे । विधवाओं और बीमारों को भी गुप्त सहायता करना आपकी प्रवृति थी । बहुत ही बुद्धिमान होने के कारण विभागीय साथी आपसे ही सलाह लेकर विभागीय कार्रवाई और पत्रों का उत्तर बनवाते थे । सदाबहार गीतों के शौकीन थे और कभी किसी आयोजन मे आपनी गायन प्रतिभा का परिचय भी देते थे । आजा़दी के समय से सैना और पुलिस विभाग मे सेवा देने वाले परिवार के फारुख खान के रिश्ते सभी से निःस्वार्थ और कंचन की तरह रहे ।लॉकडाउन मे जो सहयोग आपने किया और करवाया उसमे पेन्शन सहित दोनो बेटों का वेतन हिस्सा भी शामिल रहा । सोशल मीडिया पर समाज सुधारक और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देने वाली पोस्ट से आपकी उच्च स्तरीय विचारधारा और श्रेष्ठ संस्कारों का प्रमाण मिलता है , जिसमे चालिस वर्षो से राखी बांध रही बहन दुर्गा सहित मुस्लिम समाज के लिये सादगी से विवाह का निवेदन है । शाही सुविधाओं के बावजूद सरलता आपकी विशेषता रही है ।सभी अपने सुख-दुःख मे फारुख खान साहब को पहले याद करते थे । “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,,किसी के वास्ते हो तेरे दिल मे प्यार,,जीना इसी का नाम है” गीत को सार्थक करते फारुख खान कभी न भुलाई जाने वाली यादों के साथ इंसानियत का संदेश भी दे गये । कर्मचारी कॉलोनी कब्रिस्तान मे आपको आखरी विदाई देने वालों मे पत्रकारों सहित पुलिस, समाजसेवा ,शिक्षा और अन्य क्षेत्र के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे । आपकी सेवा,सहयोग ,सद्भावना और सरलता पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है । नमन,सलामी और सेल्यूट वर्दी के चंदन व्यक्तित्व को ।

