देवास/बागली (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप)) कोविड-19 संक्रमण मे अचानक बागली थाना प्रभारी जयराम चौहान को लाइन अटैच करना चर्चा और निंदा का विषय बन गया है।
रविवार देर शाम को देवास पुलिस अधीक्षक डाँ. शिवदयाल सिंह ने बागली थाना प्रभारी जयराम चौहान को लाइन अटैच किया है । यह आदेश सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ वैसे ही लोगों ने जयराम चौहान को लाइन अटैच किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए यही लिखा कि जनसमस्याओं का समाधान करने वाले थानाप्रभारी को लाईन अटैच कराने मे अप्रत्यक्ष रुप से बागली के भाजपा विधायक पहाड़सिंह कन्नोजे का हाथ है ।
आमजनता ने यह भी कहा कि चौहान घटिया राजनीति के शिकार हुए हैं।उनका व्यवहार सरल,सहज होकर उनकी कार्यशैली निष्पक्ष रही है। कुछ लोगों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के दबाव में आकर इस प्रकार की कार्यवाही की गई है।
आपका कार्य जनहित मे अच्छा रहा है।कई मामलों को बड़ी गंभीरता और सूझबूझ से सुलझाया भी है।
फिर भी इस प्रकार लाइन अटैच किया जाना जनता की समझ से परे है।
एसपी डॉक्टर शिवदयाल सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें प्रशासनिक कार्य के आधार पर देवास लाइन अटैच किया गया है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार कोविड-19 के विस्तार मे समर्पित कर्तव्यपालन करने के बावजूद थानाप्रभारी को लाइन अटैच किया जाना क्षेत्र के लिए बड़ा ही नुकसानदायक हो सकता है। क्षेत्र की जनता से अच्छा तालमेल रखने वाले थानाप्रभारी वर्दी के वरदान और क्षेत्रवासियों के लिये समस्याओं का सरल समाधान थे ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूरे मामले को पुंजापुरा से जोड़ा जा रहा है । प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा है कि पुंजापुरा में दुकानें खुली होने की जानकारी पुलिस अधीक्षक को मिली थी उसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। यह बात किसी को भी हजम नहीं हो रही है। फल और सब्जी ठेला गाड़ियां तो पूरे जिले में तय समय पर चल रही हैं,आधी शटर खोलकर कई दुकानें चल रही हैं । यदि इस आधार पर पुलिस अधीक्षक द्वारा कार्रवाई की गई है तो जिले के सभी थाना प्रभारियों को लाइन अटैच करना पड़ सकता हैं। गोपनीय सूत्रों कि मानी जाए तो इसका मुख्य कारण राजनीतिक प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। थानाप्रभारी चौहान किसी भी राजनेता के दबाव में कार्य नहीं कर रहे थे ।अपनी सूझबूझ के साथ सेवा करने वाले अधिकारी नेताओं को खटकने लगे थे और उसी के चलते राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई बताई जा रही है।
घटिया राजनीति के चलते पांच माह से अधिक समय तक नहीं टिक पाए थाना प्रभारी
बागली में चल रही राजनीति के चलते बागली थाने पर पांच माह से अधिक कोई भी थाना प्रभारी नहीं टिक पाया है। राजनेताओं के निजी स्वार्थ के चलते बार-बार थाना प्रभारियों का तबादला करा दिया जाता है जिससे बागली नगर सहित बागली थाना क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था बदहाल होती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी जयराम चौहान द्वारा सक्रियता से कई ऐसे मामलो का खुलासा किया गया जो कि कई वर्षों से पेंडिंग थे। वही उनके सक्रियता के चलत बागली थाना क्षेत्र से बालिकाओं की गुमशुदगी दर्ज थी जिस पर कार्यवाही करते हुए 15 से अधिक बालिकाओं को बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। अन्य मामलों में भी पिछले रिकॉर्ड कि तुलना से अधिक काम किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यदि उनका आकलन किया जाए तो पूर्व थाना प्रभारियों की तुलना में श्री चौहान द्वारा कम समय में अधिक सफल परिणाम दिये हैं। चौहान पर की गई विभागीय कार्रवाई कहीं ना कहीं सिस्टम पर से जनता का भरोसा तोड़ती नजर आ रही है।
सूत्रों के अनुसार पत्रकार सलीम मंसूरी को पत्र द्वारा पंचायत कार्यालय बुलाकर मारपीट करने पर अभी l4 सचिव और पदाअधिकारी पर सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत की जांच जारी है ।विधायक पहाड़सिंह कन्नौजे का फोन पर थानाप्रभारी जयराम चौहान से कहना था कि तू कुछ भी करके समझौता करा या फिर पत्रकार पर क्रॉस कायमी कर, अन्यथा बोरिया बिस्तर बांध लेना ।थानाप्रभारी द्वारा कहा गया था कि मैं पद का दुरुपयोग नहीं करूंगा । डेढ़ साल की नौकरी बची है कहीं भी कर लूंगा । बस इसी कारण उन्हें निलंबित किया जाना बताया गया है ।
पत्रकार सलीम मंसूरी के साथ जनपद पंचायत में सचिवो द्वारा हुई मारपीट के मामले में विधायक पहाड़सिंह कन्नोजे उनके खिलाफ झूठी कार्रवाई करवाना चाहते थे परंतु ईमानदार, वर्दी के गौरव थाना प्रभारी द्वारा ऐसा नहीं किया गया और सही तरीके से जांच कर कार्रवाई करने की बात पर यह निलंबन परिणाम सामने आना बाताया जा रहा है ।
पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन संभाग योगेश देशमुख भी वर्दी के वरदान और समस्याओं का आसान समाधान करने वाले समर्पित अधिकारी हैं उन्हें इस मामले की जांच और उचित कार्रवाई करना चहिए ।

