
शहर के उज्जैन रोड के इटावा क्षेत्र में गोलू मोलू ओर ब्रिज के नीचे बेखोफ सेफ चल रहा सट्टा
देवास शहर में चलने वाला सट्टा- जुआ पहले से ही पुलिस को मुंह चिढ़ा रहा हे ,की अब ग्रामीण क्षेत्र का सट्टा-जुआ पुलिस की छवि को खराब करने पर आमदा नजर आ रहा है I शहर से अपराध खत्म तो नहीं हो सका है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अधिक रूप से अपराध बढ़ रहा है I शहर से भले ही कुछ अड्डे बन्द हुए थे मगर कुछ दिनों में ही पुनः सभी सतत रूप से चालू हो गए इंडस्ट्रीयल एरिया हो या तीन बत्ती ,उज्जैन रोड पर ब्रिज के दोनों ओर वही इटावा क्षेत्र भी अब चालू हो गया शुक्रवारिया हाट ओर स्टेशन रोड सफेद पोसो के हात में है यहां उन्ही के द्वारा सट्टा संचालित हो रहा है इन्ही को देखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्र में अपराध ने बड़ा रूप धारण कर लिया है I जिले के अकबरपुर, डबलचौकी, राघोगढ़ में जो सट्टे- जुएं का अपराध चल रहा है वह एक तरह से देवास जिले की पुलिस तो ठीक उज्जैन रेंज को भी चुनौती देता नजर आ रहा है I देवास शहर में चलने वाले सट्टे- जुए पर देवास पुलिस छोटी-मोटी कार्रवाई करती थी ,बड़े स्तर पर चलने वाले अड्डों पर उज्जैन रेंज की पुलिस ने कार्रवाई की थी, जिसके बाद यहां के अड्डे लगभग कम हो गए हैं I यहां से अपराध कम हुआ तो इसका रूप ग्रामीण क्षेत्र ने धारण कर लिया I अकबरपुर,डबलचौकी व राघोगढ़ में सट्टे-जुएं ने बड़ा रूप धारण कर लिया है I बेखोफ रूप से यहां पर अपराध संचालित हो रहा है I सूत्रों का मानना है कि यह अपराध पुलिस विभाग के एक अफसर की मंशा से चल रहा है, जो रुकने का नाम नहीं ले रहा है I क्षेत्र के पुलिस भी इस अपराध को रोकने में असक्षम साबित हो रही है I शायद यही कारण है कि इस क्षेत्र के सटोरिए,जुआरी बे- खोफ होकर अपना काम चला रहे हैं I ऐसा भी नहीं है कि शहर में सट्टा-जुआ बंद हो गया है I यहां पर भी पुलिस ने कुछ स्थानों पर खुली छूट दे रखी है और कुछ के कामकाज पूरी तरह से बंद करवा दिए हैं I अपराध रोकने में पुलिस की छवि स्पष्ट नजर नहीं आ रही है I अपराध रोकना पुलिस का काम है ,लेकिन पुलिस ने ही कुछ को छूट और कुछ पर प्रतिबंध लगा दिया है I पुलिस को चाहिए कि अपराध मुक्त जिला होना चाहिए ,लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है I पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह अंकित हो रहा है की जो अपराध शहर में चलता था वह अपराध जिले में विस्तार ले रहा है I फिलहाल तो नाना, मुकेश व अनीस के कारनामे चर्चा का विषय बने हुए हैं और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह अंकित कर रहे हैं I

