
सोनकच्छ में सर्व सनातन हिंदु समाज के बैनर तले नगे बंद का आव्हान किया गया। जिसका व्यापक असर देखने को मिला। सर्व हिंदु समाजजन गीता भवन पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने जय श्री राम जयघोष करते हुए एक ज्ञापन रैली निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में हिंदु समाजजन सहित जनप्रतिनिधि शामिल हुए। रैली शुरु होने से पूर्व विवादित स्थल को बेरिकेड्स से सुरक्षित कर दिया गया। रैली मुख्य मार्ग होते हुए एसडीएम कार्यालय के सामने पहुंची। जहां एसडीएम संदीप शिवा को बाहर रोड पर आकर ज्ञापन लेने का निवेदन किया। इस पर शिवा हिंदु समाज की मांग पर रोड़ पर ज्ञापन लेने पहुंचे। जहां पर ज्ञापन का वाचन नरेंद्र मेहता द्वारा किया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि, सोनकच्छ के एम. जी. रोड़ स्थित बजरंग चौराहा पर वर्ग विशेष द्वारा विवादित चौपाल भूमि पर अवैध तरीके से पक्का निर्माण किया जा रहा था। जिसका नगर के सनातन हिन्दु समाज द्वारा एसडीएम
को लिखित में आपत्ती दर्ज करवाई गई थी। जिस पर उनके द्वारा उक्त निर्माण पर रोक लगाई गई थी। विवादित स्थल पर खुदाई में पुरातत्व कालीन एक शिलालेख निकला था। जिसकी लिखाई को पढ़ने पर आभास होता है कि उस शिलालेख पर देवनागरी लिपी / संस्कृत भाषा में कुछ जानकारियां लिखी हुई है। शिलालेख की पुरातत्व विभाग से जांच कार्यवाही अभी लम्बित चल रही है । ऐसी स्थिति में उक्त विवादित स्थल के निर्माण पर रोक लगी रहना अति आवश्यक है व उक्त स्थल की पूर्ण रूप से खुदाई की जाएं तो संभव है कि और भी प्राचीन कालीन शिलालेख वहां से निकल सकते है। विवादित स्थल पर 8 जुलाई को वर्ग विशेष समुदाय के लगभग 300-400 लोगों के द्वारा ताबड़तोड़ रूप से पक्का निर्माण कार्य प्रारंभ कर प्रशासन के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए शांति प्रिय नगर में भय का माहौल निर्मित किया गया। इस प्रकार प्रशासनिक आदेश की उनके द्वारा अव्हेलना की गई है। सम्बंधित पक्ष के लोगो पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए वैधानिक कार्यवाही की जाना अति आवश्यक है।
विगत समय में अनेको बार साम्प्रदायिक माहौल दुषित हुआ है। विवादित स्थल नगर के सनातनी हिन्दु बाहुल्य आबादी क्षेत्र में होने से इस स्थान पर भविष्य में भी नगर की शांति भंग होने की सम्भावना बनी रहती है। जो बहुत ही चिन्तनीय है व सम्प्रदाय विशेष के लोगो द्वारा उनके पंथ से सम्बंधित बैनर, पोस्टर लगाते हुए, देश विरोधी नारे लगाये जाते है जो नगर की शांति व्यवस्था को कभी भी दुषित कर सकते है। इसलिए उक्त विवादित स्थल पर निर्माण कार्य पर स्थाई रोक लगी रहना आवश्यक है। विवादित स्थल पर प्रशासन द्वारा निर्माण कार्य पर रोक लगी हुई होने के बावजुद सम्बंधित पंथ के लोगो द्वारा जो अनाधिकृत रूप से पक्का निर्माण कार्य किया गया है, उसे प्रशासन तुरंत ध्वस्त करे एवं उस स्थल की खुदाई करते हुए जो शिलालेख दबे हुए है उन्हे भी बाहर निकाल कर पुरातत्व विभाग से उनकी जांच कराई जाएं। विवादित स्थल पर नगर परिषद के अधिकारी द्वारा अनुमती देने के पूर्व विज्ञप्ती जारी नहीं की गई, न ही अन्य विभागो से अनापत्ती प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए है। बावजूद इसके सीएमओ द्वारा विधि का दुरूपयोग करते हुए मात्र एक दिवस में विवादित स्थल का नामान्तरण करते हुए पक्के निर्माण की अनुमती देना पुर्णतः अवैध प्रतीत होती है। इसलिये पक्के निर्माण पर स्थाई रोक लगाई जाएं। विवादित स्थल हेतु सीएमओ द्वारा 5 अक्टूम्बर 18 को भवन स्वामित्व का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इसी प्रकार नप अधिकारी द्वारा 2 मार्च 23 को इसी स्थान के लिए एक अन्य स्वामित्व नामान्तरण प्रमाण पत्र जारी किया गया है । इन दोनो दस्तावेजो की जानकारियां अलग-अलग होकर संदेहास्पद होने से अवैध प्रतीत होती है तथा दोषी अधिकारी के विरूद्ध भी विधिवत जांच की जाना चाहिए।
मुहर्रम पर्व का जुलूस विवादित स्थल से न निकलें-
पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा ने सर्व समाज को संबोधित करते हुए कहा कि, हर वक्त हिंदु समाज की परीक्षा न ली जाएं। हम नगर में शांति व्यवस्था चाहते है। प्रशासन से स्पष्ट रूप से कहते है कि, उक्त विवादित स्थल से मुहर्रम पर्व का जुलूस नहीं निकाला जाएं। साथ ही जैसी बेरिकेडिंग आज की गई है वैसे ही बेरिकेडिंग प्रकरण समाप्त न हो जाएं तब तक रहने दिया जाएं। भाजपा नेता अजयसिंह बघेल ने कहा कि, शांति से अपनी बात कहना हमारा हिंदु धर्म सिखाता है। रहबन की जमीन की रजिस्ट्री नहीं की जा सकती है। साथ ही 300-400 की भीड़ प्रशासन पर दबाव बनाती है और निर्माण कार्य शुरु कर देते है। प्रशासन इस बात की तह तक जाएं कि, इस पूरे विवाद के पीछे औवेसी जैसा कौन मास्टरमाइंड है। एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद एसडीएम ने सर्व हिंदु समाज को संबोधित करते हुए कहा कि, जांच अभी प्रचलित है इसलिए रोक यथावत रहेगी। साथ ही जो निर्माण कार्य किया गया है उसे नियमानुसार हटा दिया जाएगा। मोहर्रम जुलूस उक्त स्थल से नहीं निकालने को लेकर प्रशासनिक बैठक की जाएगी और निर्णय लिया जाएगा। आभार राधेश्याम गजेश्वर ने माना।

