कोई भी मवेशी सड़क पर नहीं होगा स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी
भोपाल विगत दिन मुख्यमंत्री के दौरे के समय भूखी प्यासी गौ माता को कारावास में रखने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री हुए सख्त और राज्य के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सड़क पर आवारा मवेशी नहीं हो यह सुनिश्चित करें जो मवेशी शासकीय कस्टडी में हो उसका चारा पानी की ब्यबस्था स्थानीय प्रशासन को हिदायत के साथ दी जाए। प्रदेश में सभी जिलों में पशु पालकों ने अपने मवेशी खुला छोड़ दिया है उसकी गंभीरता के बाद जांच पड़ताल कर पशु पालकों पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। स्मरण रहे हमने रविवार,सोमवार को प्रमुखता के साथ समाचार लगाया था कि मुख्यमंत्री के भेरूंदा दौरे पर सिहोर जिला प्रशासन ने मवेशी को एक दिन पहले सड़क से उठाकर अस्थाय कोंडबाडा में भूखा,प्यासा रखा इस पर मुख्यमंत्री ने खबर पर तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यवाही के निर्देश भी दिए हैं।
हायवे से लेकर सभी सड़कों पर रोजाना सैकड़ों मवेशी वाहनों से दुर्घटना हो जाने पर कुचल दिया जाता है इतना ही मृत मवेशी को वहां से हटाया नहीं जाने से वाहनों के टायर के साथ उनके अंग मिलों दुर तक चले जाते हैं जिससे सडक पर दुर्गंध फैल जाती है अनेक बार राहगीरों का स्वास्थ्य भी बिगड़ जाता है उल्टियां होती है नौवत यहा तक आ जाती है कि तत्काल राहगीर को स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करना पड़ता है ऐसी परिस्थिति में सड़कों पर घूम रहे मवेशियों पर अंकुश लगाना आवश्यक हो गया है इसके लिए मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों की जबाबदारी सुनिश्चित करते हूए सख्ती के साथ अमल में लाने के निर्देश जारी किए हैं।

