देवास शहर और जिले मे पीडीएस चावल की कालाबाजारी आंखे बन्द रखकर अनदेखी करना खाद्य विभाग की लाचारी ? (सांठगांठ और आर्थिक लाभ से तस्करी जारी)

देवास(खुमानसिंह बैस) । देवास जिले मे शासकीय उचित मूल्य की अधिकतर दुकानों का राशन मण्डी मे अवैध रुप से बैचकर दुकानदारों द्वारा सरकार की अच्छी और जनहितकारी योजनाओं को खोखला किया जा रहा है वहीं गरीबों का चावल खरीदकर ईसकी भी कालाबाजारी करना वाले भ्रष्ट ,रिश्वतखोर और कर्तव्य के कालिख अधिकारियों ,कर्मचारियों के सहयोग से निरंतर सक्रिय है ।देवास जिले में पीडीएस चावल की बेधड़क कालाबाजारी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार खाद्य विभाग गहरी नींद में सोया है। देवास और जिलेभर मे चावल तस्करों का नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है और खाद्य विभाग सहित पुलिस को भी अपनी जेब मे रखने का प्रचार कर रहा है । पीडीएस चावल कालाबाजारी से जुड़े सरगना और उनका समूह जिस दबंंगता ,निडरता से गरीबों के चावल की खरीदी बिक्री कर रहे हैं उसे देखकर लगता है कि इन्हें तस्करी करने का लायसेंस और सुरक्षा भी प्राप्त है । कुछ समय पहले सोनकच्छ मे लाखों का चावल अवैध गोडाउन से जप्त किया गया था । जिले मे पीडीएस चावल अफरातफरी ,कालाबाजारी और तस्करी के अनेक मामले सामने आये जिनमे अधिकतर सेटिंग से रफादफा कर दिये गये । देवास के बालगढ़ रोड सहित शहर मे अनेक चावल माफिया सक्रिय रहे ।सार्वजनिक वितरण प्रणाली मे शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से वितरित किए जाने वाला शासकीय चावल किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए व्यपवर्तित नहीं किया जा सकता। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में फोर्टिफाईड (एफआरके) चावल वितरीत किया जाता है। इस प्रकार जांच के उपरोक्त बिन्दुओं से स्पष्ट है कि यह पीडीएस चावल है। प्रशासनिक-पुलिस विभाग का सहयोग देखकर नये नये तस्कर सक्रिय हो गये । रेवाबाग का नया चावल तस्कर लकी है कि उसे प्रशासन-पुलिस के कुछ जिम्मेदारों का सहयोग मिल रहा है तथा उसका अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। देवास मे पीडीएस चावल के कारोबारी प्रशासनिक-पुलिस अधिकारियों पर भारी हैं यह कड़वा सच है ।