अपने परिवार की सुख-समृद्धी और खुशियों का आधार…श्रद्धा , शक्ति , सु-संस्कार … वासंती व्यवहार … कंचन ,,रेशमी और चंदन रिश्तों का सार… प्रेम , मित्रता और ममता के अमृत की धार… साहित्य का शृंगार… विश्वास की मीनार.. देवी का अवतार… श्रेष्ठता का सार और धरती पर ईश्वर का उपहार है नारी .

महाशिवरात्रि पर “”शक्तिदिवस” अद्भुत संयोग -प्रतिभा प्रसाद

नारी सफलताओं और खुशियों का आधार
सृष्टि को ईश्वर का श्रेष्ठतम् उपहार

देवास(शाकिर अली दीप)

जन्म से ही अनेक भूमिकाओं मे अपनी योग्यता प्रमाणित करने वालि नारी से ही सृष्टि स्वर्ग है,नारी प्रेरणा का पावन मंत्र है ,परिवार की सुरक्षा का यंत्र है ।
विश्व को एक सूत्र मे बांधने वाली नारी श्रेष्ठता का शिखर और स्वर्णिम सफलताओं का घर है . नारी ने अवतारों को जनम दिया और देवताओं ने इसके मातृ रुप को शीश झुकाया हे ।
संसार मे नारी के समान कोई सुख और गति नही है,कोई तीर्थ और जप नहीं है, कोई राज्य और भाग्य नहीं है,कोई जप और तप नहीं है.
नारी इस संसार की पूजनीय श्रद्धा है क्यों यह शक्ति (पार्वती )दुर्गा ,,लक्ष्मी ,,सरस्वती ,सीता,राधा, मरियम और आयशा है
विश्व इतिहास मे नारी की श्रेष्ठता के अनेक प्रमाण मिलते हैं . अपनी संतानो के लिए परियों से भी सुन्दर,आशीषों का समंदर नारी मित्रता मे विश्वास,श्रेष्ठता का आकाश,खुशियों का मधुमास और अपनेपन का सच्चा आभास भी है । बिटिया से बहन,पत्नी ,भाभी,बहु के अनेक रत्न रुप वाली नारी “माँ” की भूमिका मे सर्वश्रेष्ठ भी है.
मां के चरणों मे स्वर्ग ,,कदमों मे जन्नत केवल शब्द और उच्चारण नहीं वास्तविकता है. मां की ममता ,लोरी मे स्नेह की गंगा बहती है जो जीवनभर साथ ही रहती है.
नारी हमसफर हो तो जिन्दगी का सफर सुन्दर और आसान हो जाता है। नारी की प्रेरणा और प्यार पुष्प बनकर मुस्कुराते हैं… उत्साह ,उमंग ,, ताज़गी को जगाते हैं और हर मौर्चे पर विजेता भी बनाते हैं । नारी विश्व की श्रेष्ठा और हमारे देश की श्रेष्ठ श्रद्धा है,नारी को परिवार,समाज और राष्ट्र के स्वर्णिम सपने बुनने दें … प्रगति का पथ चुनने दें और अपने दिल की आवाज सुनने दें.
रेशमी हिमशिखरों की गंगोत्री से प्रवाहित गंगा की तरह नारी ने भी अपने व्यवहार , संस्कार और श्रेष्ठताओं की दिव्य धाराओं से समाज ,राष्ट्र को नई ताज़गी दी है । शिवभक्त ,प्रसिद्ध मॉडल,एक्टर,सिंगर,ब्रांड एम्बेसेडर, सोशलवर्कर ,युवा प्रेरणा प्रतिभा प्रसाद का कहना है कि नारी की श्रेष्ठता को स्वीकार करें और उसके प्रगतिशील सपनों को सहयोग के सुन्दर रंगों से साकार करें, यही हमारी संस्कृति और संस्कार हैं । इस बार महाशिवरात्रि पर शक्तिदिवस(विश्व महिला दिवस) अद्भुत संयोग है ,नारी हर क्षेत्र मे अपनी योग्यताओं और श्रेष्ठताओं को प्रमाणित कर रही है । नारी सम्मान की कंचन ज्योति को अखण्ड रखने का संकल्प लेकर उसकी श्रेष्ठता को सादर प्रणाम करना ही चाहिए ….