देवास। शनिवार को खेड़ापति होटल में महिला अधिवक्ताओं के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला अधिवक्ताओं के व्यावसायिक विकास, नेतृत्व क्षमता का संवर्धन, व्यक्तित्व विकास तथा न्यायिक क्षेत्र में उनकी प्रभावी एवं सशक्त सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उच्च न्यायालय इंदौर की वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती सुधा श्रीवास्तव एवं लॉ प्रोफेसर डॉ. गीतांजली चंद्रा ने न्यायिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, वर्तमान पेशेगत चुनौतियों तथा सफलता के महत्वपूर्ण सूत्रों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में श्रीमती श्रीवास्तव उन्होंने कहा कि एक सफल अधिवक्ता के जीवन में सतत अध्ययन, कठोर अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। विशिष्ट अतिथि के रूप एक्रोपोलिस कॉलेज इंदौर के प्राचार्य डॉ. गीतांजली चंद्रा ने व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता तथा प्रभावी संवाद कौशल विषय पर अत्यंत प्रेरक एवं सारगर्भित उद्बोधन दिया। उन्होंने सभी महिला अधिवक्ताओं को अपने ज्ञान और व्यक्तित्व को निरंतर परिष्कृत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम आयोजक अशोक वर्मा ने कहा कि महिला अधिवक्ता हमारी न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण और सशक्त स्तंभ हैं। उनके व्यावसायिक विकास, सुरक्षा, सम्मान और सर्वांगीण उन्नति के लिए अभिभाषक संघ को सदैव संवेदनशील एवं सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला अधिवक्ताओं की सक्रिय सहभागिता से अभिभाषक संघ देवास नई ऊंचाईयों को प्राप्त करेगा। कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर अतिथियों का स्वागत अभिभाषक संघ अध्यक्ष अशोक वर्मा ने शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया। कार्यक्रम का संचालन मिथिलेश सोनी ने किया एवं आभार रानी डोंगलिया ने माना।

