देवास । जिले के बांगर में स्थित कोविड-19 के लिए शासन से अनुबंधित अमलतास अस्पताल से देवास जिले के अतिरिक्त अन्य जिलों के अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही को लेकर यशवंत नगर मोती बंगला निवासी पं. अजय शर्मा ने संभागायुक्त, जिला कलेक्टर एवं मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में पं. शर्मा ने बतपाया कि कोविड-19 (कोरोना) संक्रमण से विश्व के साथ भारत भी प्रभावित है । इसी कड़ी में देवास स्थित अमलतास हॉस्पिटल को स्थानीय शासन प्रशासन द्वारा जनहित को प्राथमिकता के आधार पर रख कोरोना के मरीजो के इलाज के लिए अनुबंधित किया गया है । अनुबंध के नियम अनुसार भुगतान भी किया जाना सुनिश्चित है।
जिले में उक्त अस्पताल कोविड-19 सेंटर के रुप में संचालित होने से जवाबदारी सिर्फ देवास जिले के आम नागरिकों की उपचार करने की हैं। इसी उद्देश्य से देवास शासन प्रशासन द्वारा अमलतास अस्पताल को नियमानुसार अनुबंधित किया है। देवास से अनुबंध के पश्चात् अमलतास अस्पताल प्रबंधन द्वारा उज्जैन, आगर तथा शाजापुर सहित अन्य जिले भी अनुबंधित किये गए हैं जो अमलतास अस्पताल के प्रबंधन की धनलोलुपता वाली प्रवृति को दर्शाता है। इसी वजह से मरीजों की संख्या का दबाव भी बढ़ रहा है फलस्वरुप अमलतास प्रबंधन किसी भी मरीज को प्राथमिकता के आधार पर उपचार करने में लापरवाह और असक्षम है। उज्जैन जैसे बड़े जिले में कई बड़े अस्पताल जो सर्वसुविधायुक्त हैं। बावजूद इसके भी अमलतास को कोविड सेन्टर बनाना देवास के मरीजों के साथ अन्याय है। देवास की जनता की परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए अमलतास अस्पताल की देवास जिले के अलावा सभी अनुबंध निरस्त किये जावें अथवा किये जाने की कार्यवाही की जावे। पूर्व में भी अमलतास अस्पताल की लापरवाही को लेकर लिखित शिकायत की जा चुकी है। जिसमें अमलतास हॉस्पिटल के प्रबंधन व डॉक्टर्स की लालची, भ्रष्ट प्रवृत्ति के चलते हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना मरीजो के साथ छुआछूत, र्दुव्यवहार, बदसलूकी, अटेंड ना करना, डॉक्टरों व नर्सो द्वारा किसी भी प्रकार से स्वास्थ सम्बंधित दवाइयों का ना देना और अपनी बीमारी बोलने या समझाने पर मरीजो को पैसा देकर इलाज करवाने की धमकी देना, तू तकारे से बात करते हुए गाली गलौज देकर अपमानित करना, कोरोना महामारी के नाम से मानसिक प्रताडि़त करना और सही इलाज के नाम पर पैसे मांगना, तथा हॉस्पिटल से भाग जाने तक की धमकियाँ जैसे कुकृत्य अमलतास के प्रबंधन से लेकर डॉक्टर, नर्स, चपरासी तक मरीजो के साथ जो व्यवहार किया जा रहा है वो पुर्णत: केंद्र व राज्य स्वास्थ मंत्रालय तथा प्रधानमंत्री के उद्देश्यों व मंशा के तथा नियमां के विरूद्ध की जा रही गैर जिम्मेदाराना तरीके से भ्रष्टाचार व इंसानियत से दुश्मनी जैसा सलूक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है । जबकि डॉक्टर को लोग भगवान का दर्जा देते है। ये बताना भी आवश्यक है कि अमलतास हॉस्पिटल के प्रबंधन व डॉक्टर द्वारा अपनी ही लेब में धनबल प्रभावी लोगो का टेस्ट कर लाखो रूपये लेकर अपने हॉस्पिटल व इंदौर के अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में मोटी रकम लेकर रेफर कर इलाज करवाए जाने की सोशल मिडिया से लेकर आम जनता तक गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसपर श्रीमान को संज्ञान में लेना अति आवश्यक है।
पं. शर्मा ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि अनुबंधित अमलतास हॉस्पिटल से अन्य जिलों के किये गए अनुबंध को निरस्त किये जाने की कार्यवाही की जावे। साथ ही प्रबंधन का मरीजों के साथ किये जा रहे र्दुव्यवहार व भ्रष्टाचार को गंभीरता से लेते हुए कठोर दंडात्मक व वैधानिक कार्यवाही करने की कृपा करें। कार्यवाही ना होने की स्थिति में आवेदक उच्चाधिकारियों सहित केंद्रीय व राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय सहित शिकायत करने के लिए स्वतन्त्र रहेगा।

