प्रशासन पुलिस और भक्तों का आभार निर्विघ्न संपन्न हो गये सभी त्योहार (कोविड-19 संक्रमण पर श्रद्धा रही भारी)

देवास (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) श्रद्धा ,सद्भावना और सहयोग के जिले देवास मे कोविड-19 के चलते सभी पर्व ,स्नान त्योहार शांतीपूर्वक आसानी से संपन्न हो गये ।
प्रशासनिक प्रतिबंध और सख्ती के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने भूतड़ी अमावस पर नर्मदा स्नान कर यह प्रमाणित कर दिया कि वह अनुशासित होकर आसानी से अपनी परंपराओं का निर्वाह कर सकते हैं ।भक्तों ने स्नान के लिये नये रास्ते और घाट चुनकर स्नान किया और पूजा की वहीं पडियारों ने भी आसानी से तांत्रिक क्रियाओं को पूर्ण किया । धारा 144 को श्रद्धालुओं ने नकार कर अपना स्नान किया और नर्मदा मैया से सुख-समृद्धी का आशीष लेकर आ गये ।
मां चामुण्डा की प्राकृतिक पहाड़ी पर मैया तुलजाभवानी (बड़ी माता) और मैया चामुण्डा (छोटी माता)के दर्शनार्थियों ने सीमित संख्या की स्वीकृति और व्यवस्थाओं के बावजूद लाखों की संख्या मे आकर दिखा दिया की अगर श्रद्धा और विश्वास शक्तिशाली है तो सबकुछ आसान है ।
आठ-नौ ,, दिन-रात देवास मे दर्शनार्थियों की प्रचण्ड भक्ति धाराएं पहाड़ी और रास्तों पर बहती रहीं जिस को नियंत्रित करना प्रशासन और पुलिस के वश मे नहीं था फिर भी दैवी शक्ति से यह चमत्कार हो गया । वैसे पुलिस और प्रशासन निरंतर जागरुक और सक्रिय नजर आया लेकिन नियंत्रण माता चामुण्डा और भक्तो का ही रहा ।
प्रशासन ने देवास के परंपरानुसार निकलने वाले दैवी प्रतिमाओं के चल समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन मातारानी की कृपा से यह बिदाई समारोह भी आसानी से संपन्न हो गया । श्रद्धालु भक्तों ने यहां भी अनुशासन और समर्पण का उदाहरण पेश करते हुए दुर्गा मैया को बिदाई दी । बिदाई चल समारोह की बड़ी संख्या मे देवनागरी के निवासियों ने निहारा और जयकारों से अभिनंदन किया । प्रेस क्लब सचिव एडव्होकेट चेतन राठौर ने धर्म के मौन ठेकेदारों के मुंह पर तमाच भी निरुपित किया ।
बधाई के पात्र हैं देवास के दैवी भक्त और प्रशासनिक अधिकारी जो कोविड-19 की चुनौती और चुनावी वातावरण के बावजूद अपने कर्तव्यपालन मे सफल रहे । कुछ आयोजन नागरिकों ने ही निरस्त कर प्रशासनिक सहयोग किया और प्रशासन द्वारा भी सभी आयोजनों की सफलता मे सराहनीय योगादान दिया गाया ।