
देवास। 15 महीने में नोट की सरकार नोट बनाकर खिसक गई। अब वोट के लिए हाटपिपलिया याद आ रहा है। इन 15 महीनों में विकास का एक भी काम नहीं हुआ। जब मनोज चौधरी काम के लिए जाते थे तो कमलनाथ ने दरवाजा बंद कर दिया। अब जनता को कमलनाथ और दिग्गी राजा का दरवाजा बंद करना है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिंगावदा में विशाल आम सभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा की अब जनता को विकास और विनाश में से एक को चुनना है। श्री सिंधिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा में जयकार श्रीराम की होती है, जबकि कांग्रेस के अहंकारी नेता अपनी जय जयकार करवाते हैं। सिंधिया ने आगे कहा कि जो 10 दिन में सीएम बदलने की बात करते थे, उन लोगों ने किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ नहीं कर प्रदेश के किसानों के साथ विश्वासघात किया है। शिवराज सिंह चौहान ने आते ही किसानों का फसल बीमा करवाया। पीएम किसान सम्मान निधि में 4 हजार रुपए और जोड़कर पूरे 10 हजार रुपए किसानों को दिया। पहले दिग्गी और कमलनाथ की गद्दार सरकार थी और अब शिवराज की कमाल की सरकार है। उन्होंने कहा मेरी कोई जाति नहीं, मेरा धर्म है सिर्फ प्रदेश की जनता की सेवा करना। 2018 में प्रतिस्पर्धा शिवराज सिंह चौहान और मेरे बीच में थी। हमारा दल अलग था लेकिन सोच एक ही थी, प्रदेश की जनता का कल्याण और विकास करना हम भी चाहते थे प्रदेश में चौमुखी विकास हो लेकिन 15 महीने में कमलनाथ और दिग्विजयसिंह ने वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना डाला। कमलनाथ 15 महीने में एक बार भी जनता के बीच नहीं गए। उन्होंने कहा जो सरकार जनता से गद्दारी करेगी उसे धूल चटाने का काम ज्योतिरादित्य सिंधिया करेगा। श्री सिंधिया ने क्षेत्र की जनता से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी मनोज चौधरी को वोट देकर प्रदेश की सरकार को मजबूत बनाने का अनुरोध किया।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रत्याशी मनोज चौधरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो जहाज डूब चुका है अब उसको नहीं तैराना है। उन्होंने कहा सिर्फ सिंधिया जी के कारण 2003 से लेकर 2018 तक चली सरकार बदली थी। सिंधिया जी के चेहरे पर चुनाव लड़ा गया था। वचन नहीं निभाने के कारण सिंधिया जी को सड़क पर आना पड़ा। उन्होंने कहा कमलनाथ सरकार ने गरीबों के साथ अन्याय किया और उनके सहयोगियों ने तबादला उद्योग के दलालों को छूट दे दी जिसका फल उन्होंने भुगता।
सभा मे कई नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

