हाटपिपल्या मे आज तय होगी हार-जीत?मतदाता कांग्रेसी भाजपाई को आईना दिखाएंगे?(भाजपा भयभीत कांग्रेस को मतदाताओं से उम्मीद )

देवास । हाटपिपल्या विधानसभा उपचुनाव मे मतदान का दिन 3 नवंबर आ ही गया । आज मतदाता प्रमाणित करेंगे कि उनके वोट ईमानदार,समर्पित और सक्रिय प्रत्याशी को मिलेंगे? या उनसे कांग्रेस के नाम पर वोट लेकर अब भाजपा के नाम पर वोट मांगने वाले मनोज चौधरी को? हाटपिपल्या मे भाजपा ने अपनी सम्पूर्ण शक्ति कांग्रेस से भाजपा मे आये मनोज चौधरी के प्रचार प्रसार मे लगाकर जीत की जमीन तैयार करने का प्रयास किया है लेकिन मतदाताओं द्वारा जिसके माध्यम से क्षेत्र को वर्षों बाद भाजपा मुक्त किया था उसी के माध्यम से भाजपा युक्त करना कठिन हो रहा है । ग्रामीण मतदाताओं को मनोज चौधरी का दलबदल ,विश्वासघात सहन नहीं हो रहा है जिसका लाभ अप्रत्यक्ष रुप से राजवीरसिंह बघेल को मिलता नजर आ रहा है । मतदाता किसको चुनेंगे अपना विधायक और किसके लिये बनेंगे मातदाता ? यह दस नवंबर को पता चलेगा लेकिन हालात बता रहे हैं कि भाजपा ने पूर्व विधायक, मंत्री, दीपक जोशी और तेजसिंह सेंधव की उपेक्षा कर बड़ी गलती की है जिसका परिणाम पराजय के रुप मे बताया जा रहा है । मतदाता समझदार है और अपने मत की ताकत सहित कीमत भी जानता है इसलिये बड़ी सभाएं,रोड शो,दावे ,वादे उसे गुमराह नहीं कर सकते । हाटपिपल्या को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और विधायक रहे राजेन्द्रसिंह बघेल के मतभेद मीडिया द्वारा प्रचारित करने ,सज्जन वर्मा द्वारा कुछ पत्रकारों को टुकड़ों मे बिकाऊ कहने मे भी अनेक चर्चा हैं जिसमे यह प्रायोजित चर्चित है । कहा जा रहा है कि मतदान से पहले इस मामले को हवा देकर मतदाताओं का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाना और पत्रकारों को कांग्रेस के खिलाफ भड़काना है जिसमे भाजपाईयों द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है । कुछ पत्रकारों का कहना है कि अगर यह भाजपा द्वारा पत्रकारों के कंधे का सहारा लेकर साधा गया निशाना है तो पत्रकारिता के लिये खतरनाक संकेत है । प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार मतदान की सभी तैयारियाँ , सुरक्षा और मतदाताओं के लिये बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं । अब मतदाताओं को अपनी अंगुली से करिश्मा दिखाना है ,हाटपिपल्या के सेवक और विकास मे समर्पित रहने वाले को विधायक बनाना है ।