देवास जिले की स्वास्थ्य संस्थाओ में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस आयोजित———-

देवास 07 नवम्‍बर 2020/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एमपी शर्मा ने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों को कैंसर के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों को कैंसर तथा कैंसर के प्रकार के बारे में जानकारी दी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एमपी शर्मा ने बताया कि कैंसर जिसका नाम सुनते ही मन में अजीब सा डर उत्पन्न होता है, यह एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही लोगों के मन में कई तरह के ख्याल आने लगते हैं। कैंसर के मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। भारत में भी यह रोग तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। कैंसर के उपचार की व्यवस्था जटिल होती है। इस बीमारी से लड़ने का सबसे मजबूत तरीका है इसके बारे में जागरूकता और जल्द से जल्द इसकी पहचान होना, जिससे सही समय पर इलाज कर इससे बचा जा सके। जल्दी पहचान और उपचार से कैंसर ठीक हो सकता है।डॉ एमपी शर्मा ने बताया कि कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। यदि कैंसर का सही समय पर पता ना लगाया गया और उसका उपचार नही हो तो इससे मौत का जोखिम बढ़ जाता है। कैंसर कई तरह का होता है और हर कैंसर के होने के अलग-अलग कारण है। लेकिन कुछ मुख्य कारण ऐसे भी हैं जिनसे कैंसर होने का खतरा किसी को भी हो सकता है। जैसे धूम्रपान तम्बाकू चबाने से 19 प्रतिशत, मोटापा (अधिक वजन होना) 7.8 प्रतिशत, अल्कोहल का अत्यधिक उपयोग 5.6 प्रतिशत, ज्यादा देर तक धूप में रहना 4.7 प्रतिशत कैंसर होने का खतरा हो सकता है। मुंह तथा गले के कैंसर का मुख्य कारण तम्बाकू सेवन होता है। मुख के भीतर कोई गांठ, घाव या पित्त बन जाना, मुंह में सफेद दाग, लार टपकना, मुंह खोलने, बोलने व निगलने में दिक्कत होना। स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर स्तनों के आकार में बदलाव, स्तनों में गांठ, स्तनाग्र पर या उसके इर्द-गिर्द लाल चकत्ते, स्तन या काख में निरन्तर दर्द, स्तनों की त्वचा पर झुर्रियां इत्यादि। सर्वाइकल (गर्भाशय) का कैंसर छोटी उम्र में विवाह, मीनोपॉज के बाद रक्तस्त्राव होना, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव होना और वह ठीक होने से पहले गर्भधारण हो जाये तो 40 उम्र के बाद गर्भाशय का कैसर होने का खतरा अधिक रहता है। मूत्राशय आंतों के कैंसर में पेशाब और शौच के समय खून आना। लंग (फेफड़े) कैंसर का मुख्‍य कारण धूम्रपान करना है इसके साथ-साथ हल्की निरंतर खासी आना, खासी के साथ खून आना, आवाज में बदलाव आना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके मुख्य लक्षण होते हैं।