मनोज को चौधरी बनाने मे मामा की मशक्कत सफल करोड़ों के विकास वादों पर मतदाताओं ने किया भरोसा (हाटपिपल्या मे काँग्रेसियों के ओव्हर काँन्फिडेंस की हार)

देवास । हाटपिपल्या विधानसभा उपचुनाव मे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी पूर्व कांग्रेसी विधायक मनोज चौधरी की पिछली विजय का अंतर कम होकर उन्हे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ,ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य भाजपाईयों की निरंतर सक्रियता का पुरस्कार जीत के रुप मे मिला है ।
मत गणना की शुरुआत के तीन राउण्ड मे कांग्रेस के राजवीरसिंह बघेल आगे रहे और फिर भाजपा के मनोज चौधरी ने बढ़त ली ।
बीच बीच मे कांग्रेस पांच सात सौ वोटो से आगे होती रही लेकिन फासला बड़ा था । अन्तिम 21 वे राउण्ड मे भाजपा प्रत्याशी 13719 मतों से विजेता रहे।
इस निर्वाचन मे भाजपा ने सत्ता मे रहते हुए भी अन्तिम समय तक अपनी सम्पूर्ण शक्ति से सक्रियता बनाए रखी वहीं कांग्रेसियों ने अतिआत्मविश्वास मे आकर अपनी सीट आसानी से गंवा दी । कांग्रेसियों के पास स्वर्णिम अवसर था जिसे खुद कांग्रेस की निष्क्रियता और मुख्यमंत्री सहित भाजपाईयों की सक्रियता ने तहस नहस कर दिया ।
विश्लेषकों ने कहा कि कांग्रेस पिछली गलतियाँ से कुछ भी सीखने समझने को तैयार नहीं है इसी का परिणाम है कि 15 साल के बाद मिली सत्ता को 15 महिने मे ही छोड़ना पड़ा और अब उपचुनाव मे फिर पराजय का मुंह देखना पड़ रहा है ।
मनोज चौधरी को हाटपिपल्या का चौधरी बनाने मे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ,ज्योतिरादित्य सिंधिया ,नरेन्द्रसिंह तौमर ,रायसिंह सेंधव ,विधायक गायत्रीराजे पवार उनके बेटे विक्रमराव पवार की निरंतर सक्रियता ,समर्पण और विजय का विश्वास रहा है जो कांग्रेसियों के अति आत्मविश्वास पर भारी पड़ा ।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान , ज्योतिरादित्य सिंधिया के रोड शो,सभाएं ,हाटपिपल्या मे विकास के दावे वादेऔर विधायक गायत्रीराजे पवार का सपुत्र जनसंपर्क मनोज चौधरी के लिये विजय का कारण कहा जा रहा है ।