देवास मे अवैध कॉलोनियों का जालकॉलोनाईजर और दलाल मालामाल (करोड़ों के राजस्व पर कर रहे हाथ साफ)

देवास(खुमानसिंह बैस) देवास और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों मे दलालों सहित प्रशासनिक अधिकारियों ,कर्मचारियों और संबंधित विभागों से सांठगांठ कर अवैध कॉलोनियों का विस्तार हो रहा है और जनता सहित शासन को करोड़ों का नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है । गाजरघास की तरह ऊग आये फर्जी कॉलोनाईजर अपने काले कारोबार को निरंतर बढ़ा रहे हैं और शासकीय नियम-निर्देशों को अंगूठा दिखा रहे हैं । एक ही प्लाट को अनेक बार बैचकर धोखाधड़ी का कीर्तिमान भी बना रहे हैं । फर्जी और अवैध कॉलोनाईजरों की अनेक शिकायतों के बावजूद भी यह कार्रवाई से बचकर सक्रिय हैं । आश्चर्य इस बात का है कि शासन के तय मापदण्डों के विपरीत टीएनसी,नजूल,नगरनिगम और अन्य संबंधित विभागों से स्वीकृति लिये बिना जनता को गुमराह कर भू-माफियाओं द्वारा भू-खण्ड विक्रय किये जा रहे हैं और शासन को करोड़ों के राजस्व की हानी पहुंचाकर अवैध कमाई की बंदरबांट की जा रही है । बालगढ़ रोड पर अष्टविनायक नगर,सिल्वर कॉलोनी ,उज्जैन रोड पर एकता नगर,उत्तम नगर, मल्हार रोड,मेंढकी रोड,भोपाल रोड,राजोदा रोड,पठानकुआं बग्गीखाने के पीछे,डी-मार्ट के सामने और मीठा तालाब क्षेत्र मे अवैध कॉलोनियों का जाल बिछा है और करोड़ों की अवैध कमाई की जा रही है । अवैध कॉलोनी निर्माताओं मे असामाजिक और सफेदपोश भी शामिल हैं । अवैध कॉलोनाईजर केवल नोटरी के आधार पर अवैध कॉलोनियों मे मकान और बंगले बनाकर बैच रहे हैं । इस संबंध मे एक शिकायतकर्ता मेहमूद शेख ने आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग के महानिदेशक , लोकायुक्त महानिदेशक और देवास कलेक्टर को शिकायत कर शासन को करोड़ों की राजस्व हानी पहुंचाने वाले,जनता से धोखाधड़ी करने वाले ,अवैध कॉलोनाईजरों की जांच और कार्रवाई की मांग की है । शिकायतकर्ता ने कार्रवाई न होने पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इन्दौर खण्डपीठ मे याचिका दाखिल करने की बात भी कही है । देवास मे अवैध कॉलोनियों का काला कारोबार पुराना है और सांठगांठ से जारी भी है । लक्ष्मी विहार के पास मल्हार रोड पर भी किसानों ने दलालों के माध्यम से कॉलोनी काट दी है । न डाइवर्जन, न एन ओ सी और न ही कोई अप्रूवल और तो और एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेच कर लगातार धोखाधड़ी भी कर रहे हैं।मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के भू-माफियाओं पर नकेल कसने के आदेश पर देवास मे औपचारिकता ही देखी गई है । अगर वास्तव मे निष्पक्ष कार्रवाई हो तो अनेक कॉलोनाईजर सलाखों के पीछे नजर आयेंगे ।