सोनकच्छ में शर्मसार:इंसानियत अंतिम संस्कार के लिए कचरा वाहन का उपयोग

देवास/सोनकच्छ (खुमानसिंह बैस) जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपनी सेवा,सक्रियता और अच्छी व्यवस्थाओं का प्रचार प्रसार मीडिया सहित सोशल मीडिया पर भी कराया जा रहा है लेकिन सच्चाई अलग है । करोड़ों रुपये चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर खर्च होने के बाद भी अगर शव को कचरा वाहन मे लेजाकर उसकी मिट्टी खराब करने की तस्वीर सामने हो तो शासन और प्रशासन के प्रचार और वास्तविकता का सच सामने आ ही जाता है । सोनकच्छ नगर से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीरें फिर सामने आयी हैं। इस बार ये तस्वीर सोनकच्छ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से आयी हैं। यहां शव को कचरा फेंकने वाले वाहन में ले जाना पड़ रहा है। सोनकच्छ में मरीजों का शव उठाने के लिए एक वाहन भी नहीं है। इसके पहले भी एक कोरोना मरीज के शव को सोनकच्छ नगर परिषद की कचरा उठाने वाले वाहन से ले जाने की व्यवस्था की थी लेकिन हंगामा होने पर तहसीलदार की गाड़ी से शव को मुक्तिधाम ले जाया गया था । उसके बाद प्रशासन और समाजसेवियों ने शव को मुक्ति धाम ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की थी। 22 मई को बड़ी लापरवाही फिर से सामने आयी। एक अज्ञात शव का पोस्टमार्टम करने के बाद उसे दफनाने के लिए नगर परिषद की कचरा उठाने वाले वाहन का उपयोग किया गया। गौर करने वाली बात यह थी की नगर परिषद के कर्मचारियों के पास भी सुरक्षा किट नही थी।क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के साथ ही अन्य बीमारियों के कारण लोगों की असमय मौत होने का सिलसिला लगातार चल रहा है । कोरोना मरीजों के शव का तो प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार ही अंतिम संस्कार कराया जा रहा है लेकिन नगर में एक भी शव वाहन ना होने के कारण शवों को कचरा वाहन में मुक्तिधाम भेजने से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं । लोगों का कहना है कि नगर में सभी राजनेतिक दल के नेताओं की भी कमी नहीं है, समाजसेवियों की भी लंबी सूचि है लेकिन कोई भी नगर में एक स्थाई रूप से शव वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करा सका है । प्रशासन भी शव वाहन की कमी को दूर नहीं कर रहा है. जबकि लंबे समय से मांग हो रही है.अमानवीयता का यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा? सवाल है सोनकच्छवासियों का । इस बारे में तहसीलदार जितेन्द्र वर्मा का कहना है की कोरोना से मृत्य होने वाले मरीजों के लिए वाहन की व्यवस्था की गई है। अन्य वजह से मृत्य होने वालो के लिए शव वाहन की व्यवस्था नही है । अस्पताल वालो के पास शव वाहन की व्यवस्था नही है तो नगर परिषद की ट्राली से शव को लेजाया गया होगा। इस संबंध मे सोनकच्छ विधायक पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने ट्वीट किया कि मेरे द्वारा दो एंबुलेंस और 85 लाख देने के बाद भी अव्यवस्थाऐं औछी राजनीति का प्रमाण है ।