देवास (खुमानसिंह बैस) 1 जून 2013 को पीयूष रघुवंशी निवासी नई आबादी की घूरने की बात को लेकर ढाबे पर गोली मारकर हत्या मे सजा काट रहे (पैरोल पर घर आये) समीर राय पर एक जून को दिन मे ही घर के सामने गोली मारकर हत्या करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने पत्रकारवार्ता मे पेशकर अपनी सफलता की कहानी सीना दी और अनेक प्रश्नों को अनुत्तरित छोड़ दिया ।
पुलिस प्रेसनोट के अनुसार दिनांक 16 2021 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तहत करौली नगर में समीर राय पिता रंजन राय उम्र 38 साल की एक्टिवा स्कूटी पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी ।पुलिस ने अपराध कायम कर विवेचना शुरू की और 2 दिन में ही चारों आरोपियों को इंदौर और उज्जैन क्षेत्र से गिरफ्तार करना बताया। पुलिस अधीक्षक के अनुसार किराए पर चल रहे कैमरे के पैसे को लेकर 2 दिन से आरोपियों और मृतक का विवाद चल रहा था यही मौत का कारण बना।जिसका कोई प्रमाण प्रेसवार्ता मे प्रस्तुत नहीं किया गया । पुलिस की कहानी से बहुत से पत्रकार भी असंतुष्ट नजर आये । प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मृतक की पत्नी निकिता राय ने उपस्थित होकर पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाया और कहा कि पुलिस हमारे कहे अनुसार हत्या के सूत्रधार भाजपा से जुड़े चिंटू उर्फ विशाल रघुवंशी से पूछताछ तक नहीं कर रही है । पत्रकारों के सामने मृतक की पत्नी निकिता ने कहां की सारा खेल राजनीति से जुड़ा हुआ है । सूत्रधार सरगना को नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। निकिता राय का कहना है कि विशाल उर्फ चिंटू रघुवंशी ही इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड है । कुछ समय पूर्व भी एल एन बी क्लब के सामने समीर को देखकर विशाल अपनी गाड़ी से बाहर आ गया था और रोड के इस पार से घूर रहा था । उसने समीर को मारने की सौगन्ध भी ले रखी थी । समीर के जेल मे रहते वह हमारे घर के आसपास असमय आकर दबाव बनाता था । इसका आपराधिक रिकार्ड भी है और यह शहर मे अवैध असामाजिक गतिविधियों के संचालन मे सरगना चर्चित है ।
मैं फिर से कह रही हूं कि जो नाम में बता रही उन सब को गिरफ्तार किया जाए और उनसे पूछताछ की जाए या इस हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तब ही सच्चाई सामने आ सकती है । मुझे अभी तक पुलिस के द्वारा की गई कार्रवाई से संतोष नहीं है। निकिता राय का कहना है कि मेरे पति की हत्या में सीधा सीधा हाथ चिंटू रघुवंशी का है । अगर एफ आई आर में उसका नाम दर्ज किया जाता है तभी हम केस लड़ेंगे और गवाही देंगे वरना हम इस मामले से अपने आप को हटा लेंगे ।पुलिस को जो करना है करें। निकिता ने बताया कि पिछले कई वर्षों से हम खौफ की जिंदगी गुजार रहे हैं । कई बार हमें धमकियां भी मिली हैं । कई बार हमें डराया भी गया है । पुलिस रघुवंशी के कारनामों को अच्छे से जानती है और शहर की जनता भी । क्रिमिनल बैकग्राउंड होने के बावजूद भी पुलिस इस को संरक्षण क्यों दे रही है ? समझ से परे है । निकिता राय ने इसके पीछे बड़ी राजनीति होने की बात भी कही और सूत्रधार को संरक्षण भी बताया ।
निकिता ने कहा कि अगर मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो मैं अपनी बात को बिना डरे आगे तक पहुंच आऊंगी और तब तक चैन से नहीं बैठूंगी जब तक मेरे पति को और मेरे परिवार को इंसाफ ना मिल जाए। यह कहते हुए निकिता पुलिस अधीक्षक को आवेदन देने चली गई।
आवेदन देने के बाद निकिता राय ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने जांच का आश्वासन दिया है ।
नाइंसाफी हुई तो मैं अपनी बात और ऊपर तक ले जाऊंगी मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगी ,बड़े अधिकारियों से मिलूंगी और इंसाफ लेकर ही रहूंगी।
पुलिस का कहना है कि हमने टीम गठित कर कुछ साल पूर्व हुई पीयूष रघुवंशी की हत्या के साथ जोड़कर भी इसकी छानबीन की है मगर अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी पुलिस ने आरोपियों के पास से जप्त कर लिए हैं।
मगर सवाल जो अभी जवाब तलाश कर रहे हैं वह अधुरे हैं ।
आखिर कोई सिर्फ 3000 के पीछे किसी व्यक्ति की हत्या क्यों करेगा?, आरोपियों में से एक आखिर चिल्लाकर क्यों कहता है कि चिंटू भैया का सपना पूरा हो गया , हमने अपना बदला ले लिया। आरोपी गण चिंटू का ही नाम क्यों लेते हैं? ,1 जून पीयुष रघुवंशी की पुण्यतिथि पर पीयुष की हत्या मे जेल काटरहे समीर की अल्प पैरोल पर हत्या सोचीसमझी साजिस ही तो दिखाई दे रही है । सामान्य से आवेदन पर पुलिस कार्रवाई करती है तो हत्या के मामले मे परिजनों के बार बार कहने के बावजूद इस तरफ ध्यान न देता राजनीतिक कवच और पुलिस मजबूरी की पुष्टि करता है । साथ ही निकिता की बात पर पुलिस ध्यान क्यों नहीं दे रही ?,उसके बयान पर अपनी जांच को आगे क्यों नहीं बढ़ा रही?। यह सब अनसुलझे सवाल हैं जिसका जवाब आने वाले समय में पुलिस को देना ही होगा।

