देवास/नेमावर(खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) देवास जिले के पवित्र तीर्थ स्थल नेमावर में मां नर्मदा के तट पर एक युवती से प्रेम कर उसके सम्मान और शरीर से खेलने वाले ने अन्य से विवाह का निर्णय लिया तब युवती रुपाली ने इसका विरोध किया जिसके परिणामस्वरूप पिशाच प्रेमी सुरेन्द्रसिंह ने अपनी राक्षसी टीम के साथ रुपाली सहित उसकी मां बहन और दो बच्चों को मारकर खेत मे गाड़ दिया ।
परिजन परिवार के पांच सदस्य गायब होने पर फड़फड़ा रहे थे और पुलिस से तलाश की गुहार लगा रहे थे ।
48 दिन से लापता एक ही परिवार के पांच सदस्यों को कथित प्रेम प्रसंग के नाम पर शोषण के चलते आरोपियों ने मौत के घाट उतार दिया था और फिर खेत में आसानी से दस फीट गहरा गड्डा खोदकर सभी के शव दफना दिये थे।
उज्जैन संभाग के एआयजी योगेश देशमुख और एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए खेत मे डेढ़ माह से दफन गड्ढे कंकाल बन रही लाशों को जेसीबी मशीन के माध्यम से बाहर निकालकर जांच के लिए शासकीय चिकित्सालय भिजवाया गया ।
पुलिस ने इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी सुरेन्द्रसिंह सहीत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच और शेष आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का वादा किया है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मई की रात को नेमावर में रहने वाले एक ही परिवार के पांच सदस्य गायब हो गए थे, जिनमें ममता बाई पति मोहनलाल कास्ते 45 वर्ष, रूपाली पिता मोहनलाल कास्ते 21 वर्ष, दिव्या पिता मोहनलाल कास्ते 14 वर्ष, पूजा पिता रवि ओसवाल 15 वर्ष और पवन पिता रवि ओसवाल 14 वर्ष शामिल थे। इन सभी के लापता होने के बाद नेमावर थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी और पुलिस इनकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने इनको तलाश करने के लिए बकायदा पर्चे भी छपवाए लेकिन अंधेरा तो चिराग तले था । आरोपी सुरेन्द्रसिंह और उसके सहयोगियों ने पांच हत्या कर लाशों कोआसानी से खेत मे दस फिट नीचे गाड़ दिया था और लाश गलाने के लिये नमक और यूरिया भी डाल दी थी । हत्यारे पुलिस को धोखा देने मे भी सफाल हो गये थे इसलिए कि लाश यहीं दफन थीं और पुलिस पर्चे छपवाकर बाहर बंटवा रही थी । एक माह से अधिक समय हो जाने पर भी कहीं इनकी जानकारी नहीं मिली। मामला एक ही परिवार के पांच सदस्यों के अचानक लापता होने का था, इसीलिए पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही थी।
इसी बीच पुलिस को भाग्य से या हत्या का शिकार युवती और परिजनों की छटपटाती आत्मा के सहयोग से पता चला कि लापता युवती रूपाली का नेमावर में रहने वाले सुरेंद्रसिंह राजपूत से प्रेम प्रसंग चल रहा था। यह पता चलते ही पुलिस की जांच इसी बिंदु पर आगे बढ़ी और मुखबिर तंत्र की सक्रियता से पता चला कि युवती सुरेंद्र से विवाह करना चाहती थी और इसी बात से वह नाराज था। पुलिस ने इस बात की पुष्टि होते ही सुरेंद्रसिंह को हिरासत में ले लिया और कड़ाई से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन उसने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर रूपाली को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई थी और उसे मिलने के बहाने खेत पर बुलाया लेकिन वह अपने परिजनों को साथ में लेकर आ गई । तब विवाद की स्थिति बनी और सुरेंद्र सहित उसके पांच साथियों ने सभी की हत्या कर दी ।
साक्ष्य छुपाने की नियत से खेत में ही दस फीट गहरा गड्ढा खोदकर पांचों शव दफना दिये। जिस समय लाशों को गड्ढे से निकाला गया और मृत परिवार की बदहवास महिलाएंं विलाप कर रही थीं तब शोले का वह सीन याद आ गया जब गब्बरसिंह ठाकुर का पूरा परिवार मार देता है ।सुरेंद्र द्वारा बताई गई कहानी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से सभी शवों को बाहर निकालकर शासकीय अस्पताल भिजवा दिया। उधर पुलिस ने सुरेंद्र सहित सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि प्रेम प्रसंग के चलते यह हत्याकांड हुआ है। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और जांच भी जारी है ।
इस बीच आदिवासी समाज से जुड़ी पार्टी ने चक्काजाम किया और अन्य संगठन भी हत्यारों को फांसी की मांग सहित मुआवजा देने की बात कर रहे हैं । कुछ संगठन हत्याकांड मे भाजपा जनप्रतिनिधियों के सहयोग का आरोप लगा रहे हैं । अभी जांच जारी है और नई कहानी भी सामने आने की संभावना है ।

