
बागली- पुरानी कहावत है ! 10 बाटी में मालवी( मालवा का रहने वाला) धापता है! तो 36 ईचं में यहां की जमीन कहने का तात्पर्य मालवा का पठार जो उपजाऊ भूमि के लिए प्रसिद्ध है इस क्षेत्र में 36 इंच बारिश होने पर आगामी रबी फसल सुरक्षित हो जाती है सिंचाई के साधन जिनके पास उपलब्ध है उनके लिए इतनी वर्षा होना आवश्यक है! वर्तमान समय में सितंबर माह प्रथम सप्ताह आरंभ हो चुका है अब जाकर खंड वर्षा के दौरान कुछ हिस्सों में 20 इंच वर्षा हो चुकी है घाट उपर बागली के नजदीकी आसपास आदेश क्षेत्र अभी भी पानी को तरस रहे हैं बेहरी, लखवाडा, भमोरी चापडा करनावद, आदी, जबकि नयापुरा छतरपुरा कमलापुर करौंदिया अमरपुरा जटाशंकर आदि स्थानों पर 2 दिन पूर्व तेज बारिश हो चुकी है! बागली क्षेत्र की महत्वपूर्ण लघु सिंचाई योजना के तहत निर्मित कुप तालाब सम्मानजनक स्थिति में भर चुका है वही चंद्र केश्वर बांध का तो पैदां भी पूरी तरह से जलमग्न नहीं हुआ! आसपास के छह अन्य तालाब 20% क्षमता के साथ पानी से भरे हैं! अभी पर्याप्त वर्षा की आवश्यकताहै!

