देवास मे तीसरी लहर से पहले प्रशासन-पुलिस,नगरनिगम की सवालिया सक्रियता? (महिला समाजसेवी से अभद्रता की सीमा पार,फूल से निवेदन चप्पल से प्रहार)

खुमानसिंह बैस

देवास । जिले और शहर मे नगरनिगम ,जिला-प्रशासन और खेल संगठनों सहित राजनीतिक पार्टियों द्वारा बड़े आयोजन,रैली और समारोह मे कोविड-19 के नियम-निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जनता पर सख्ती इतनी की उसे सार्वजनिक रुप से अपमानित ,प्रताड़ित और जलील किया जा रहा है ।
शहर के मध्य सयाजी द्वार के निकट ए बी रोड़ पर नगरनिगम,पुलिस और प्रशासन की टीम द्वारा मास्क जांच करते समय पुलिस-प्रशासनिक अमले को लॉकडाउन मे मास्क और सेनेटाइजर से सहयोग करनेवालों जबलपुर की महिला समाजसेवी उद्योगपति जागृति माधवानी मिश्रा को मां चामुण्डा की नगरों देवास मे मास्क नहीं लगाने पर रोककर समझाया गया,फूल देकर नियमों के पालन की बात कहकर विडियो बनाया गया फिर थानाप्रभारी द्वारा चालान बनवाने की जिद ने मामला बिगाड़ दिया । माफी मांग चुकी जबलपुर की महिला उद्योगपति को चालन कटवाने पर मजबूर करने पर मामला हाथापाई और थाने ले जाने का होने पर महिला जागृति मिश्रा को अनुचित रुप से पकड़ने पर महिला आरक्षक को दूर हटाने पर उन पर पर चप्पल से प्रहार किया गया । समाजसेवी प्रशासन-पुलिस की सहयोगी महिला जागृति माधवानी मिश्रा ने एसडीएम प्रदीप सोनी,सीएसपी विवेकसिंह को खूब खरी खोटी सुनाई और कहा कि आप इतने दिन से कहां थे? । आपकी लापरवाही और गलती का परिणाम जनता को भोगना पड़ता है । गलती मान लेने और माफी मांग लेने के बाद भी इस तरह निम्न स्तरीय व्यवहार ,चालानी कार्रवाई की जिद अयोग्यता का प्रमाण है । शासन को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों को जनता से अच्छे व्यवहार करने के निर्देश देना चाहिये । बगैर मास्क पहने राहगीरों,वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करना और खुद नियमो का पालन नहीं करना कानून का खुला दुरुपयोग ही माना जा रहा है ।
बिना मास्क पहने स्कूटी सवार उद्योगपति देवास मे मेहमान महिला ने चालान नहीं कटाने को लेकर मौके पर मौजूद एसडीएम प्रदीप सोनी, सीएसपी विवेक सिंह चौहान सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी- कर्मचारियों को जमकर लताड़ कर कर्तव्यपालन का पाठ पढ़ाया कि आप अचानक ही क्यों जागते है.?.. हम भी जागरुक हैं गलती हो जाती है ।
सख़्त लहजें में नियम-कानून की बात करती रही महिला जागृति मिश्रा अधिकारियों को अच्‍छी नहीं लगी और शिक्षित समाजसेवी ,प्रशासन-पुलिस की सहयोगी को सार्वजनिक रुप से अपमानित कर दिया गया । महिला का कहना था कि अधिकारियों का उद्देश्य अच्छा था तब व्यवहार भी अच्छा और सकारात्मक होना था ।
यहां प्रशासन-पुलिस अधिकारियों ने अपनी योग्यता प्रमाणित करने की अपेक्षा पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया गया जिसकी चर्चा पत्रकारों सहित जनता मे भी निन्दा सहित हो रही है । मौके पर मौजूद प्रशासन-पुलिस अधिकारियों के पद दुरुपयोग पहले भी सुर्खियों मे रहे हैं । हाल ही मे अभिभाषकों द्वारा एसडीएम के अनुचित व्यवहार को लेकर कलेक्टर से शाकायत भी की वहीं एसडीम मंदिर मे जूते सहित और अनेक जगह बिना मास्क भी वायरल होते रहृ हैं ।