
खंडवा/ बागली – 2021 वित्तीय वर्ष में बागली विधानसभा को जोड़ते हुए खंडवा विधानसभा को छूने वाली महत्वपूर्ण सड़क योजना जो सिर्फ नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए ही नहीं अपितु क्षेत्र के कई बड़े गांवो को जोड़ने की योजना थी। उक्त योजना नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए खरगोन जिले से देवास जिले में प्रवेश करते ही कनाड नदी( तरानीया) पर व्यवस्थित पुल निर्माण के साथ पिपरी तक सुलभ चौड़ा मार्ग पिपरी के बाद जयंती माता खारी नदी पर व्यवस्थित बड़े पुल के साथ पामाखेड़ी तक सुलभ मार्ग एवं धर्मेश्वर मंदिर के बाद खंडवा विधानसभा में कुछ हिस्सों के साथ फिर से धारा जी के उस पार तक लगभग 50 किलोमीटर का सड़क मार्ग योजना का हिस्सा था। यह योजना लगभग ₹42 करोड़ रुपए की स्वीकृत हुई थी। देवास वन परीक्षेत्र अंतर्गत रतनपुर से जयंती माता मार्ग पर कुछ स्थानों पर पंचायत से जुड़े मजदूरों द्वारा मार्ग की सफाई भी की थी। कई स्थानों पर खड़े वृक्ष एवं पहाड़ियों को कोई नुकसान नहीं हो इसके लिए वन विभाग ने आपसी सहमति का प्रस्ताव दिया था। इस संबंध में डीएफओ पी एन मिश्रा ने भी उक्त यात्रा को सुलभ बनाने में सहयोग करने की बात दोहराई लेकिन यह योजना टेंडर डाले जाने के बाद कैसे ठंडे बस्ते में पहुंच गई इसकी कोई प्रमाणिक जानकारी नहीं मिल रही। परिक्रमा वासियों को यह बताया जा रहा है । कि वन विभाग द्वारा आपत्ति लिए जाने से यह मार्ग बन नहीं पाया जबकि हकीकत कुछ और ही है । क्षेत्र में कुछ और सड़कें हैं जिनका निर्माण गुणवत्ता विहीन हो रहा है। या सही प्रकार से नहीं हो रहा है । इन सब के पीछे भी बड़े कमीशन का खेल नजर आ रहा है। जो भी हो नर्मदा परिक्रमा वासियों के साथ इस प्रकार का षड्यंत्रकारी खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा सुलभ मार्ग नहीं बनने से परिक्रमा वासियों को जो परेशानी आ रही है। वह भी मां नर्मदा देख रही है। पिपरी निवासियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि किशनगढ़ फाटे से पिपरी तक बनने वाले मार्ग में भी गुणवत्ता बिल्कुल नहीं है सुनने में आया है कि ठेकेदार द्वारा बड़ा कमीशन किसी को दिया है। इसलिए उस मार्ग पर कोई ध्यान नहीं दे रहा

