भाजपा का प्रचण्ड बहुमत से जीतना कांग्रेस पार्टी की शर्मनाक पराजय


क्या संगठन के पदाधिकारी देंगे इस्तीफा-ठा. जैनेन्द्रसिंह पंवार
जैसा कि पूर्वानुसार जो टिकिट वितरण के बाद की स्थिति बनी वह 100 प्रतिशत एक्जिट पोल के अनुसार सही साबित हुई है। प्रदेश के मुखिया कमलनाथ के बनने के बाद उनके राजनीतिकारों ने जो गुटबाजी का प्रदर्शन किया है वह देवास जिले की नगर पालिकाओं और नगर निगम में देखने को मिला है। संगठन की लिमिटेड कंपनी ने मनचाहे टिकिट वितरण करके जो दुर्दशा नगर में करवाई है वह शर्मनाक है। जहां हमारा अनुमान कांग्रेस पार्टी को 10 से 12 सीट की जीत की ओर था वहां कांगे्रस पार्टी सिर्फ 8 सीट पर आकर सिमट गई। निर्दलीय प्रत्याशी 6 जीते और भाजपा ने 31 वार्डो में अपनी बहुत बड़ी जीत हासिल की है और महापौर प्रत्याशी गीता दुर्गेश अग्रवाल ने 45884 की ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विधानसभा की भाजपा की जीत को फीका कर दिया। कांग्रेस संगठन की सीमित कार्यकर्ताओं की टीम ने जो टिकिट का वितरण किया था वह उनकी आशा के विपरित साबित हुआ। कुछ अनुभवी प्रत्याशियों की पैरवी की थी वे अनुभवी सभापति के हकदार हो सकते हैं। किंतु भाजपा के नये प्रत्याशियों के सामने कांग्रेस पराजित हुए ये कांगे्रस संगठन के विगत वर्षो की कार्यशैली रही है। क्या कांग्रेस संगठन प्रमुख इनसे इस्तीफा लेंगे या इनके अनुभव का लाभ आने वाले चुनावों में लेंगे। हालांकि इस्तीफा नैतिकता के आधार पर बनता है जो कांग्रेेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं के अनुरूप है।