जनसुनवाई बनी जग हसाई, शिकायत होने के बाद भी क्यो नही कर रहे आला अधिकारी सचिव पर कार्यवाही

जनसुनवाई बन रही है जग हसांई
खुमान सिंह बेस की विशेष रिपोर्ट
देवास – शासन द्वारा आम जनता की समस्या और अशासकीय कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रति मंगलवार जनसुनवाई शिविर का आयोजन विकासखंड मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय पर किया जाता है । लेकिन समस्याओं का निराकरण नहीं होना आम बात हो गई है। लोग जनसुनवाई को जग हंसाई प्रोग्राम का नाम दे रहे हैं । विगत दिनों बागली विकासखंड मुख्यालय से आधा दर्जन हरिजन आदिवासी शिकायत लेकर आए थे। उक्त शिकायत में ग्राम पंचायत बेहरी के प्रभारी सचिव मनोज यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों से नगद राशि ली गई , और प्रधानमंत्री आवास सूची में नाम जोड़ने की बात कही गई उसी प्रकार अन्य शिकायत को लेकर कुछ शिकायतकर्ता जनसुनवाई केंद्र देवास आए यहां जिला पंचायत सीईओ प्रकाश चौहान स्वयं उपस्थित थे शिकायत दर्ज होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई उल्टा उस सचिव को और भी वित्तीय कार्यभार दे दिए गए बागली जनपद सीईओ प्रभांशु सिंह पूरी तरह सचिव से मिले हुए हैं हितग्राहियों का आरोप है कि रिश्वत की राशि ऊपर तक बांटी जाती है पुलिस स्टाफ लोगों को समझ नहीं आ रहा कि यह रिश्ता क्या कहलाता है। धीरे-धीरे जनसुनवाई में आवेदन कम आने की वजह उनकी सुनवाई नहीं होना है। ना कि समय पर कार्य होना ।

पिछले मंगलवार को आये आवेदकों ने बताया था कि सचिव द्वारा यह कहकर हमसे रिश्वत की राशी ली थी कि मैने 3 लाख रुपये ऊपर बैठे अधिकारी को दिए है तो में अब हर काम का पैसा लेकर अपनी पूर्ति करूँगा ,
इसका मतलब पूरे कुए में ही भांग घुली है
ओर यह बात इस्पष्ठ रूप से सही भी हो रही है कि जब कुछ सप्ताह पूर्व भी इस सचिव की लिखित शिकायत की थी जिसने पुराने कुओं को नया बताकर राशी हड़प ली गई तब से लेकर आज तक आला अधिकारियों द्वरा कार्यवाही न करना संका पैदा करता है कि कही न कही गड़बड़ है