
सटोरियों के हमले मे पत्रकार घायल, दांत मुंह से बाहर हो गए
देवास/सोनकच्छ। जिले के सोनकच्छ मे सट्टा-जुआ का अवैध कारोबार, पुलिस की अनदेखी और सटोरियों को सहयोग से कर रहा प्रगति और विस्तार। देवास मे अवैध कारोबार कहीं कहीं छिपकर चलाने की सूचना है, लेकिन सोनकच्छ मे अनेक अड्डे संचालित किये जा रहे हैं। पहले एक ढाबा संचालक सोनकच्छ मे सट्टा-जुआ संचालन मे कुख्यात रहा है, यह अवैध कारोबार से लाखों कि कमाई कर हजारों रुपये सहयोग व अपने संरक्षकों के लिए दक्षिणा भी देता रहा है। इसी से प्रेरित होकर अनेक सटोरिये अब सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार सटोरियों को अड्डा संचालन की खुली छूट है। सटोरियों ने प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग के कारण अपने धंधे का विस्तार कर लिया है। सट्टा संचालक हजारों रुपये मासिक देकर व्यापार कर रहे हैं, यही चर्चा हो रही है। सोनकच्छ मे सुरक्षा, सहयोग और सुविधाओं के कारण अब बड़े सटोरिये, जुआरी सोनकच्छ कि तरफ जा रहे हैं। एक पत्रकार द्वारा सटोरियों के कारोबार का विडियो बनाने का परिणाम दलालों के सहयोग से हमले तथा दांत तोड़ने के रुप मे सामने आया है। इस घटना मे पुलिस ने भी पत्रकार को असहयोग किया। पहले तो रिपोर्ट ही नहीं लिखी गई फिर पत्रकार संगठनों की शिकायत और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। सोनकच्छ मे राजनीतिक और आर्थिक शक्ति प्राप्त सटोरियों को पुलिस का सहयोग भी चर्चित है। एक पत्रकार द्वारा सहयोगी पुलिस अधिकारी को सट्टा अड्डों की विडियो देने के बावजूद ध्यान न देना भी विचारणीय है। सट्टा-जुआ मे चर्चित सोनकच्छ मे इस समय अवैध कारोबार शिखर पर है।
सोनकच्छ के चमन बाजार और नागझिरी सांवेर मे (पुल के पार) एक ही सटोरिये का कारोबार 90 हजार रुपये दक्षिणा देकर चलाने की चर्चा है। डाक बंगला रोड , बस स्टेण्ड और गन्धर्वपुरी फाटा पर भी सट्टा-जुआ कारोबार पुलिस की अनदेखी से फल-फूल रहा है। सोनकच्छ मे सटोरियों की खबर प्रसारित करने का परिणाम पत्रकार पर प्राणघातक हमले और पुलिस के असहयोग के रुप मे सामने आया है। सटोरियों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा दी गई अवैध कारोबारियों को चेतावनी का भी मजाक बनाया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशों को नजरअंदाज भी कर दिखाया है। सोनकच्छवासियों का कहना है कि पहली बार इस तरह खुलेआम सट्टा-जुआ संचालन देख रहे हैं और पुलिस की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई न होना भी आश्चर्यजनक है।

