जैसे कन्नौद में मकान जलाया था या उसी तरह थाने को भी जला देंगे।
पुलिस अपनी नाकामी को
छुपाने का मामला
*हरणगांव थाने पर सामूहिक हमला ,आरोपी को हवाले करने की बात पर
देवास जिले के पुलिस अधिकारियो ने भी नही उठाये फोन
कन्नौद/हरणगांव/खातेगांव
एक बलात्कार के आरोपी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाकर ले जाने के अ सफल प्रयास में पुलिस पर हमला ,मारपीट शासकीय कार्य में बांधा डालने की थाना प्रभारी अरविंद सिंह भदोरिया ने फरियादी बनकर जो रोजनामचे पर रिपोर्ट दर्ज की है उसमें स्पष्ट पुलिस के साथ मारपीट,गेट आदि शासकीय संपत्ति को नुक्सान लिखा है जबकि मौके पर पहुंची एस डी ओ पी श्रीमती ज्योति उमठ ने हमारे प्रतिनिधि को फोन पर बताया कि हरणगांव में एक मामले के आरोपी को पुलिस पकड़ कर थाने लाया गया था जहां आदिवासी समाज के नामजद दस से अधिक लोगों के साथ तीस चालीस लोगों ने आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया जिसपर पुलिस ने वी डी ओ बनाया है आरोपियों की ओर पहचान की जा रही है ।यही बात हमारे प्रतिनिधि को एडिशनल एस पी श्री सूर्यकांत शर्मा ने भी कीई है। जबकि फरियादी ने एफ आई आर रजिस्टर्ड करते हुए मारपीट, शासकीय संपत्ति को नुक्सान थाने की लाइट फोड़कर अंधेरा किया है ।आरोपी पुलिस कस्टडी में था उसके साथ पुलिस कर्मियों को भी धमकाया है तो क्या फरियादी तो शराब के नशे में था यह संसार एक तरफ रजिस्टर्ड रिपोर्ट तो दुसरी तरफ बरिष्ट अधिकारियों की जानकारी में अंतर कैसे आ रहा है ।रात को हरणगांव थाने पर देवास, कन्नौद, खातेगांव,नेमावर का पुलिस वल और एस डी ओ पी मौके पर पहुंची थी अगर मामूली घटना थी तो इतना पुलिस वल क्यों भेजा गया। बलात्कार का आरोप एक आदिवासी महिला के साथ हुआ उसपर पुलिस आरोपी को पकड़कर लाए पुलिस वाहन से आरोपी को लाते समय थाने के सामने ही घेरा और घटना को अंजाम दिया गया यह सब पूर्व नियोजित प्लान था कारण पुलिस थाने के सामने सैकड़ों आदिवासी एकत्र थे तब वहां थाने पर तैनात पुलिसकर्मियों ने घटना को क्यों गंभीर नहीं माना और इसकी सूचना अपने अधिकारियों को नहीं दी इसपर भी जांच होना चाहिए। मामले में अभी करीब दस लोगों को आरोपी बनाया है।शेष की बात अधिकारी विडियो देखकर आरोपी बनाने की बात कर रहे हैं ।मामला बहुत संवेदनशील है इससे पहले भी कन्नौद के पास एक आरोपी का मकान आदावासी समाज के लोगों ने जलाकर राख कर दिया था ।वहां भी सामूहिक हमला हुआ उसके पहले हरणगांव मैं बगैर परमिशन के हजारों की संख्या में अपने देव के मामले में इकट्ठा होकर खुलेआम पुलिस और राजनेताओं को खूब खरी खरी मंच से बोला था पर पुलिस मूकदर्शक बनकर रह गई थी पिछले रेकार्ड देखने के बाद छत्तीसगढ़ की तरह का माहौल बन रहा है यही हालात रहे तो वह दिन दूर नहीं जब इस प्रकार की कोई बड़ी घटना हो जाए और प्रशासन मुंह देखता रह जाए।

