देवास में दुध की दुकानें की तरह गली गली बिक रही शराब। मुख्यमंत्री ने भरी सभा मे ऐस पी को दिए कार्यवाही के आदेश

देवास। मध्य प्रदेश नई आबकारी नीति के तहत 1 अप्रैल से प्रदेश भर के आहते बन्द होने के आदेश के बाद शहर सहित पुरे जिले मे अहाते बन्द होने के बाद गली, मोहल्ले, कचरे के घुडे, होटलों, ढाबों, पान तथा पंचर की दुकानों और यहां तक की दूध बेचने वाले पार्लरो से अवैध शराब बिक्री का कारोबार जोरों से चल रही है।
जिसका मुख्य संचालन शराब ठेकेदारों द्वारा सिंडिकेट बनाकर करवाया जा रहा है। देवास के ठेकेदारों ने सिंडिकेट का एक मुखिया नियुक्त किया है। इस मुखिया ने अपने गुर्गों को होटल ढाबों पर बिठाकर शहर के मध्य अवैध आहते शुरू करवा दिए हैं। ठेकेदारो की डायरी सिस्टम के अवैध अड्डो पर शराब परोसी जा रही है। ताजुब की बात यह है इसकी जानकारी सभी शराबियों के साथ आम जनो को भी है पर आबकारी विभाग और पुलिस को नहीं, या सब कुछ मालूम होने के बाद भी आबकारी व पुलिस में शहर में संचालित हो रहे सिंडीकेट गिरोह के मुखिया का लेनदेन ओर राजनीतिक पकड़ के कारण अनभिज्ञ बन रही है। सिंडिकेट के दबाव के चलते आबकारी पुलिस इन अवैध अड्डों पर कार्यवाही नहीं करती और अगर अखबारों में खबरें प्रकाशित होने के बाद यदि कार्यवाही करती है तो पहले ही अड्डों पर खबर भेज कर माल हटवा देती है। उसके बाद दिखावे के लिए दबिश डालकर ढिंढोरा पीटती नजर आती है। ओर कम मात्रा में शराब पकड़कर हाथों हाथ जमानत वाली धारा 34A लगा देती है। आबकारी पुलिस तो अधिकांश कच्ची शराब पकड़ने में माहिरता दिखा रही है। शहर से बाहर गांव खेड़े जाकर सिर्फ कच्ची शराब कि पोटली और पांच-पांच बोतल के साथ फोटो छपवाकर अपनी खोखली सफलताओं का प्रचार करवा रही है।

सीएम ने भरे मंच से दिए पुलिस अधीक्षक को कार्यवाही करने के आदेश

सफेद पोशौ के संरक्षण में अनुचित आर्थिक लाभ बटोरते सिंडिकेट वाले शासन को राजस्व की हानी पहुंचाते हुए चुनावी वर्ष मे मुख्यमंत्री के मंदसौर में खुले मंच से दिए आदेश, निर्देश चेतावनी शराब में घोलकर प्रदेश के मुखिया को ही मुंह चिढ़ा रहा थे। लेकिन जब इस बात कि जानकारी उनको लगी तो आखिर मुख्यमंत्री को देवास जिले के सोनकच्छ में भरे मंच पर से पुलिस अधीक्षक को बोलना पड़ा कि डंडा उठाव ओर शहर और गांव में बिक रही अवैध शराब ओर आहते बन्द कराओ। सीएम ने जैसे ही खुले मंच से पुलिस प्रशासन को आदेश दिया वैसे ही सभा स्थल पर बैठी जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का अभिवादन किया। अब देखना यह होगा कि सीएम के खुले आदेशों के बाद भी देवास की पुलिस कुछ कार्यवाही कर पाती है या सफेद पोशो के संरक्षण में चल रहे अवैध सिंडिकेट के दबाव में झुक जाती है।