पिछले 26 वर्षों से शिक्षा के लिए समर्पित सरदाना प्रबंधन द्वारा संचालित सरदाना इंटरनेशनल स्कूल का एसी हॉस्टल इंदौर के बड़े-बड़े स्कूल्स के सामान्य हॉस्टल जैसा नहीं है। सामान्यतः स्कूलों के हॉस्टल्स में डॉरमिटरी (बड़े हॉल) में भेड़-बकरी जैसे 25-30 से भी ज्यादा बच्चे होते हैं, यहां तक कि एक बेड के ऊपर दूसरा बेड अर्थात डबल बेड होता है। जिससे बच्चों को पढ़ाई व अन्य गतिविधियों के लिए एकांत ही नहीं मिलता है।
जबकि सरदाना इंटरनेशनल स्कूल में लड़कों और लड़कियों के लिए पूर्णतः लग्जरी एयर कंडीशंड अलग-अलग सेफ और सिक्योर्ड हॉस्टल्स हैं। यहां हाइजीन का पूरा ध्यान रखा जाता है, प्रत्येक रूम में mosquito net अर्थात मच्छरदानी लगी है, नियमित पेस्ट कंट्रोल कराया जाता है। पूरे परिसर में प्रतिदिन साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। गौरतलब है वैसे भी लड़कियों के लिए अधिक हाईजीन की आवश्यकता होती है।
बहुत लोग जानते हैं कि एकेडमिक्स के मामले में सरदाना का कोई सानी नहीं है। यहां पहली बैच से ही ना केवल टॉपर्स निकल रहे हैं, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में 100 तक रिजल्ट बनता आ रहा है। अपितु इसके साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं IIT, NEET, CLAT, NDA, NTSE, OLYMPIADS, IPMAT, CA, CS Foundation और अब CUET में ना केवल सिलेक्शन हो रहे हैं बल्कि शानदार टॉप रैंक्स भी लग रही है। इन समस्त प्रवेश परीक्षाओं में सरदाना का सिलेक्शन अनुपात संपूर्ण भारत में सर्वाधिक है। जहां कोटा, इंदौर जैसे शहरों में बच्चे ड्राप ले ले कर अपना जीवन बिगड़ते हैं वही सरदाना पर पहले ही प्रयास में बच्चे ना केवल इन परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं अपितु टॉप रैंक भी पा रहे हैं। छठी क्लास से ही UPSC की तैयारी कराई जाती है। यहां रेगुलर स्कूल और कोचिंग के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मध्यप्रदेश के बाहर के रेजिडेंशियल दक्ष और अनुभवी शिक्षकों द्वारा करवाई जाती है। नियमित रूप से पर्सनालिटी डेवलपमेंट, न्यूज़पेपर रीडिंग, राइटिंग, हैंडराईटिंग इंप्रूवमेंट, स्पोकन इंग्लिश, कोडिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेलबी इत्यादि की कक्षाएं ली जाती है।
40 से अधिक स्पोर्ट्स, म्यूजिक, डांस, आर्ट & क्राफ्ट की कोचिंग चलती है। गौरतलब है सरदाना इंटरनेशनल स्कूल का क्रिकेट ग्राउंड बड़ा प्राइवेट क्रिकेट ग्राउंड है। यहां से लड़कों और लड़कियों दोनों में बहुत ही उम्दा खिलाड़ी निकल रहे हैं। बच्चों को अन्य शहरों और राज्यों में होने वाले टूर्नामेंट में और इंदौर होलकर स्टेडियम में होने वाले मैचेज देखने के लिए भी ले जाया जाता है। 30 से 45 दिन में आउटिंग के लिए अलग-अलग स्थानों जैसे एडवेंचर पार्क, वाटर पार्क, स्नो पार्क, मंदिर इत्यादि ले जाया जाता है।
जहां संपूर्ण भारत के हॉस्टल्स में अधिकतम एक ही बार निम्न स्तर का दूध दिया जाता है, वहीं सरदाना हॉस्टल में सुबह और रात दोनों टाइम दूध दिया जाता है। सुबह और शाम दोनों टाइम नाश्ता होता है और 1 दिन में कुल 5 बार शाकाहारी खाना दिया जाता है। सप्ताह में दो बार फीस्ट बनाया जाता है।
हिंदू सनातन धर्म का पालन किया जाता है। बच्चों को पूजन पाठ के लिए प्रेरित किया जाता है। योगाभ्यास, हनुमान चालीसा का पाठ, भोजन मंत्र इत्यादि यहां अनिवार्य है। प्रत्येक मंगलवार स्वयं बच्चों के द्वारा ही सुंदरकांड किया जाता है। परंतु इंग्लिश कम्युनिकेशन अनिवार्य है।
बीच-बीच में छुट्टियां नहीं दी जाती। सारे हिन्दू त्यौहार उल्लास पूर्वक मनाए जाते हैं, यहां तक कि बच्चों के बर्थडे भी बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं, पेरेंट्स भी यहीं आकर अपने बच्चों की बर्थडे पार्टी और त्यौहार इंजॉय करते हैं। जिन दिनों में स्कूल की छुट्टी होती है उन दिनों में भी ओवरऑल डेवलपमेंट की समस्त गतिविधियां नियमित रूप से जारी रहती हैं।
बच्चों को कई सारी सुविधाएं दी गई हैं, किंतु यहां मोबाइल फोन पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसलिए यहां के बच्चे मोबाइल से होने वाले दुष्परिणामों से ना केवल बचे हुए रहते हैं, बल्कि मोबाइल में घंटो अपना समय बर्बाद ना करते हुए सृजनात्मक गतिविधियों में रमे हुए रहते हैं।
सरदाना इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में अनेक खूबियां हैं, जिन्हें एक स्थान पर वर्णन कर पाना संभव ही नहीं है। यहां 16 राज्यों के विद्यार्थी आकर अपना ओवरऑल डेवलपमेंट कर रहे हैं। इसीलिए इस वर्ष सरदाना इंटरनेशनल स्कूल को मध्यप्रदेश के सर्वश्रेष्ठ बोर्डिंग स्कूल का अवार्ड भी मिला है।

