भोपाल : प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी दफ्तर सतपुड़ा भवन में सोमवार को लगी आग से करीब 25 करोड़ का फर्नीचर और 12 हजार से ज्यादा अहम फाइलें स्वाहा हो गईं. यानी राज्य निदेशालय के लगभग 80 फीसदी दस्तावेज खाक हो गए.
उल्लेखनीय हैं कि अभी एक साल पहले ही इस ऑफिस को रिनोवेट कराया गया था.
प्राप्त सूचना के अनुसार इमारत में तीसरी मंजिल पर पहले शॉर्ट सर्किट हुआ और इससे एसी ब्लास्ट हो गया, उसके बाद क़रीब 30 एसी कंप्रेशर में ब्लास्ट होने से आग बढ़ती चली गई.
बताया जा रहा हैं कि सतपुड़ा भवन में आग लगने से स्वास्थ्य सेवाओं की स्थापना, नर्सिंग, शिकायत, लेखा और आयोग शाखा समेत विधानसभा प्रश्न से संबंधित दस्तावेज जल गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शिकायत शाखा में कोरोना काल के दौरान अस्पतालों को किए गए भुगतान के दस्तावेज भी रखे हुए थे. साथ ही यहां लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में में दर्ज शिकायतों की भी फाइलें थीं.
आग इतनी भीषण थी कि उस पर 15 घंटे बाद काबू पाया जा सका. दमकल कर्मी, फायर फाइटर्स तो आग बुझाने के लिए जुटे रहे, लेकिन विकराल होती आग पर काबू पाने के लिए पहले सेना को बुलाना पड़ा और फिर देर शाम सीएम शिवराज सिंह चौहान के कहने पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एयरफोर्स को भी इस मामले में सहायता करने के निर्देश दिए.
आग के फैलाव से संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं की स्थापना शाखा, नर्सिंग शाखा, शिकायत शाखा, लेखा शाखा, आयोग शाखा एवं विधानसभा प्रश्न आदि को नुकसान पहुंचा है. अस्पताल प्रशासन शाखा जो कि सतपुड़ा भवन के दूसरे मंजिल पर स्थित है, वह इस अग्निकांड से प्रभावित नहीं हुआ. दवाओं, अस्पताल के लिए उपकरण, फर्नीचर खरीदी संबंधी फाइल दूसरे तल पर होने से यह आग से प्रभावित नहीं हुए हैं.
विदित हो कि इससे पहले भी साल 2012 में चुनाव के पहले और साल 2018 में विधानसभा चुनाव के ठीक बाद सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल धधक उठी थी. अब फिर विधानसभा चुनाव से 4 माह पहले संयोगवश लगी आग को विपक्षी दल कांग्रेस ने साजिश करार दिया है, कांग्रेस ने इस अग्निकांड को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में जलने लगी सरकारी फाइलें. चुनाव से पहले लगी यह आग बताती है कि BJP सरकार को अपने जाने की भनक लग गई है. भ्रष्टाचार की फाइलें जलने लगी हैं. इस आग को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण सुभाष यादव ने साजिश करार दिया है.
जबकि पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव से पहले सरकारी रिकॉर्ड भवन में अगर आग लग जाए, तो समझो सरकार गई, गुनाह मिटा दिए गए. शिवराज जी और उनकी सरकार की चला चली की बेला है.
उधर सत्तारूढ़ दल बीजेपी ने कहा है कि इस कार्यालय में कोई संवेदनशील दस्तावेज नहीं थे.
सतपुड़ा भवन में लगी आग के प्रारंभिक कारणों को जानने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चौहान ने कमेटी घोषित की है. इस कमेटी में एसीएस होम राजेश राजौरा, पीएस अर्बन नीरज मंडलोई, पीएस पीडब्ल्यूडी सुखबीर सिंह और एडीजी फायर रहेंगे. कमेटी के सदस्य जांच के प्रारंभिक कारणों का पता लगाकर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौपेंगे.

