(खुशियों की दास्तां)
देवास, 30 जून 2023/ देवास जिले के पोषण पुनर्वास केंद्र सोनकच्छ में जांच और उपचार से गंभीर कुपोषण से आर्यन मुक्त हुआ। तीन माह के बालक आर्यन को माता-पिता सिविल हॉस्पिटल सोनकच्छ की एन.आर.सी. में लेकर आए, जहां पर पोषक प्रशिक्षक कर एन.आर.सी. में भर्ती कर उपचार किया। आर्यन को एन.आर.सी. में 10 दिन तक भर्ती रखा गया। चिकित्सकीय जांच में भर्ती के समय वजन 2 किलो 430 ग्राम, लंबाई 55 सेंटीमीटर थी, जो कि अति गंभीर कुपोषण में आ रहा था। एन.आर.सी. में आर्यन को चिकित्सीय उपचार एवं नियमित चेकअप किया जाकर पोषण आहार दिया गया। जिसके फलस्वरूप आर्यन ने 10 दिन के अंदर ही अपने वजन का 15 प्रतिशत वृद्धि कर ली।आर्यन के स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार हुआ। छुट्टी के समय आर्यन का वजन 2 किलो 800 ग्राम हो गया, एन.आर.सी. में भर्ती के दौरान मां को दूध पिलाने एवं बच्चे की देखभाल, आहार के लिए समय-समय पर समझाएं दी गई। जिससे आर्यन के स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार हो गया, वर्तमान में आर्यन पूर्णतः स्वस्थ है। 15 दिवस के अंतराल पर चार फॉलोअप किए। बच्चे आर्यन के माता-पिता भी खुश हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.पी. शर्मा ने बताया की पोषण पुर्नवास केन्द्रों में गम्भीर कुपोषित बच्चों को आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा चिंहित कर भर्ती कराया जाता है। कुपोषित बच्चे के भर्ती होने के दौरान बच्चे की माता को 120 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 14 दिन की राशि 1 हजार 680 रूपये स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाती है। साथ ही जिला अस्पताल में नियमित वार्ड में भी ऐसे बच्चो को चिंहित कर पोषण पुर्नवास केन्द्र में 14 दिनों तक बच्चो को भर्ती किया जाता है। निर्धारित डाईट प्रदान की जाकर माता को समझाईश दी जाती है। आर्यन जैसे कई बच्चों का उपचार पोषण पुर्नवास केन्द्र मे किया जाता है। जिसकी मांनिटरिंग व देख रेख शिशु रोग विशेषज्ञ एवं व एन.आर.सी. नोडल अधिकारी द्वारा नियमित की जाती है।

