घोषणावीर मुख्यमंत्री श्री चौहान का भ्रमण सड़क, स्वास्थ्य,शिक्षा,रोजगार से जूझता मेरा वतन

देवास जिले के अंतिम छोर पर खातेगांव विधानसभा क्षेत्र में कल खातेगांव से नेमावर और वहां से अजनास,सतबास, अतबास,लोहारदा से कांटाफोड़ अर्थात वागली विधानसभा के क्षैत्र तक का रोड शो के साथ घोषणा की लंबी चौड़ी दिलासा का दिन होगा जब हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान हमारे बीच आकर क्षैत्र विकास की कागजी विकास यात्रा की उफनती धारा में वहाने के लिए आ रहे हैं । चुनाव करीब है आने वाले माह से आचार संहिता लगना है सरकारी कागज की गति किसी से नहीं छुपी है कोई भी योजना की घोषणा की जमीनी रिपोर्ट बनाना फिर नीचे के पायदान से जिले तक के सफर को कम से कम एक माह फिर जिले से वह योजना भोपाल दरबार पहुंचे मैं पन्द्रह दिन निश्चित लग जायेंगे वहां पर सचिव को देखने में फाइल को दो सप्ताह फिर मंत्रीजी के पास एक सप्ताह और अंतिम रूप देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के पास पहुंचेगी तब तक चुनाव परिणाम की घोषणा हो चुकी होगी किसको पता कौन सी पार्टी सत्ता में आयेगी मान लो भाजपा पुनः आ भी गई तो घोषणावीर यशस्वी लपेटकर बात के धनी श्री शिवराज जी चौहान फिर मुख्यमंत्री बनेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं है जो हालात प्रदेश के चल रहे हैं उससे लगता नहीं सौ फीसदी आने वाला मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान नहीं होंगे इसके संकेत राजनीतिक आंका भाजपा का आज का आधार स्तम्भ श्री अमित शाह और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाल ही हुए दौरे के बाद सामने आई कहानी स्पष्ट संकेत दे रही है।भाजपा की मजबूरी है चुनाव श्री शिवराज जी के नेतृत्व में लड़ने के लिए अगर हटा दिया तो भाजपा में भारी संख्या में विभिषण पैदा हो जायेंगे जो आती सत्ता को धत्ता बता सकते हैं । इस कारण केन्द्र यह जोखिम उठाने को तैयार नहीं है पर इनपर नकेल कसने के लिए एक एक इनके विरोधियों को इनके सिर पर बैठाने का काम किया है जो स्पष्ट दिखाई दे रहा है। जो चेहरे संघटन में हाइलाइट किया है सभी शिवराज जी के प्रति अच्छी सोच के धनी नहीं है। शिवराज जी ने चालबाजी कर सिंधिया को भाजपा में लाकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारी है जो सांप बनकर डसने वाली है। पिछले राजनैतिक समीकरण के बदलने के बाद इन्दौर को तब्बजो नहीं देना जो राज्य का प्रमुख औद्योगिक क्षैत्र है राजनैतिक क्रान्ति कि सबसे योगदान देने वाला शहर आज मंत्रीमंडल से वंचित हैं ।और उसी शहर का बासिंदा है श्री कैलाश विजयवर्गीय जो डसता है तो पानी भी नहीं मांगता उनकी अनदेखी शिव के लिए शाप बन जायेगा । आज विधानसभा में भाजपा के सदस्यों पर गौर किया जाए तो कैलाश की टीम भारी है।चाहे तो अपनी ही पार्टी का तख्तापलट कर सकने में सक्षम है । यह बात शिव भी इतने दिनों जो माला जपी है समझ चुके हैं पर दोनों की खामोशी केन्द्र का संघटन है और केन्द्र चल रहा है अमित शाह और नरेन्द्र मोदी से जो फैसला यह दो सख्स लेते हैं वहीं भाजपा और उनकी राज्यों की सरकार को मानना होता है। हालात मध्यप्रदेश के भाजपा में अच्छा नहीं है यहां बजनदारी के तीन चार गुट इतने मजबूत है कि चाहकर भी केन्द्रीय संगठन हस्तक्षेप नहीं कर सकता ।इससे शिवराज जी को अंतिम समय गांव गांव जाकर सरकार की योजना और की जा रही घोषणा को अपनी बैशाखी बनाना फड रहा है ।जहां तक खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के विकास की बात है हमने इशारे में यह बात बता दिया है यहां का युवा चेहरा रात-दिन एक कर हर आगंतुक से मिलना उसकी बात सुनना शायद ही भाजपा के पास ऐसा कोई विधायक होगा जो इतना सब मैनेज कर चलता है पर अगर आज भी चुनाव हुए और यही चेहरा तीसरी पारी के लिए चुना जाता है तो कांग्रेस के पास भी इसका तोड़ नहीं है ।क्षैत्र में एक नहीं दर्जनों से विभिषण है पर चुनाव में पराजय तो नहीं दिला सकते हां जीत के अंतर पर प्रभाव जरूर डाल सकते हैं। इस चेहरे की शोच शक्ति पृवल है पर कहीं ना कहीं कमजोरी है जो सर्व विदित है ।यही कारण है खातेगांव विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा है ।