देवास। माँ चामुण्डा की धार्मिक नगरी देवास को मांस, मटन और चिकन की दुकानों से मुक्ति दिलाने के लिए संस्था राम राम द्वारा मंगलवार से नगर निगम के बाहर आमरण अनशन की शुरुआत की गई। संस्था राम राम संस्थापक शैलेंद्र पवार एवं राष्ट्रीय वंदे गौमाता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतु रघुवंशी ने बताया कि देवास शहर की समस्त मटन और चिकन की दुकानें बिना लाईसेंस के संचालित हों रही हैं। इन दुकानों द्वारा निर्धारित गाइड लाइन का पालन न किए जाने के कारण विगत वर्षों में सभी के लाइसेंस समाप्त कर दिए गए थे। तब से लगाकर आज तक इन दुकानों के विरुद्ध नाम मात्र की चालानी कार्यवाही की गई, जबकि नगर पालिका अधिनियम में इन दुकानों को शहर के बाहर निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार संचालित करने का प्रावधान है। नियम अनुसार धार्मिक स्थल के आस पास और खुले रूप से मांस मटन चिकन का विक्रय नही किया जा सकता। शहर में खुले में कहीं मंदिर के पास तो कहीं माताजी की टेकरी के आस पास बिना लाईसेंस के मांस और चिकन विक्रय किया जा रहा ह। नगर निगम को पिछली बार 1 अगस्त को जन सुनवाई में मटन, चिकन की इन सभी अवैध दुकानों को हटवाए जाने के लिए आवेदन दिया था और आवेदन में ही उल्लेख किया था कि यदि इनको नहीं हटवाया गया तो हमे आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। कोई कार्यवाही नही होने के बाद संस्था राम राम के समस्त कार्यकर्ता आमरण अनशन पर बैठ गए। संस्था के कार्यकर्ताओं के पास देर शाम नगर निगम आयुक्त पहुंचे और संस्था राम राम के संस्थापक से चर्चा करते हुए अनशन खत्म करवाया। अनशन समाप्त कर निगम आयुक्त ने मंदिरों के आसपास अवैध रूप से संचालित मांस, मटन दुकानों पर कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिया। साथ ही कहा कि परिषद की बैठक में मांस, मटन की दुकानों को शहर से बाहर लगाने के प्रस्ताव भी चर्चा की जाएगी
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