
देवास/करनावद (खुमानसिंह बेस) पुलिस आमआदमी की सुरक्षा और सहायता के लिए है ।पुलिस शब्द का अर्थ भी यही है लेकिन कुछ पुलिसवाले अपनी वर्दी ,पद और अधिकारों का खुला दुरुपयोग कर “देशभक्ति जनसेवा” के पवित्र उद्देश्य पर कालिख पोतकर वर्दी की विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देते हैं ।करनावद पुलिस सहायता केन्द्र प्रभारी हिमांंशु पाण्डे पर अपने अधिनस्थों सहित अवैध वसूली,वर्दी,,पद और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप प्रमाणित भी हो रहे हैं । एक पैर से विकलांग निर्दोष संतोष भाटी को पुलिसकर्मी जीवन से पुलिस सहायता केन्द्र प्रभारी पाण्डे द्वारा बुलवाकर गन्दी गालियां और धमकी देने सहित बेल्ट से पिटवाना और प्रताड़ित करना वर्दीधारी गुण्डों को साकार करना है ।
ऐसा ही मामला हाटपिपल्या थाना क्षेत्र के अंतर्गत करनावद पुलिस सहायता केंद्र का सामने आया है । यहां दलित परिवार के विकलांग व्यक्ति संतोष भाटी को पुलिस सहायता केंद्र मे बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है । वह बार-बार निवेदन करता गया और पुलिस उसे मारती गई ।
वह बार-बार कहता रहा मेरा गुनाह क्या है एक बार तो बता दो ? मुझे मार क्यों रहे हो?
मामला इस प्रकार है कि आवेदक संतोष भाटी निवासी करनावद ने अपनी आप बीती बताइ और कहा कि मेरा भाई इंदौर रहता है उसने किसी आधी उम्र की महिला के साथ करनावद से भाग कर शादी कर ली है । उस भाई से मेरा कोई लेना-देना भी नहीं है । वह इंदौर में रहता है । पुलिस चौकी प्रभारी हिमांशु पांडे और जीवन मालवीय बार-बार पूछताछ करने मेरे घर पर आधी रात को आते हैं ,मेरे द्वारा उसके मोबाइल नंबर और उसकी जानकारी देने के बाद भी मेरी घरवाली को परेशान करते हैं । मैं पेर से अपंग हूं, विकलांग हूं ,टेप टीवी सुधारने का काम कर परिवार का भरण पोषण करता हूं । पुलिस के द्वारा मुझे इतना परेशान कर दिया गया हे कि दो दिन पहले मुझे जीवन मालवीय मोटरसाइकिल पर बिठाकर चौकी पर ले गया ,वहां पर एस आई हिमांशु पांडे ने मुझे धमकी दी की तू तेरे भाई का पता बता दे अन्यथा तुझे झूठे केस में फंसा कर जेल भेज दूंगा और जीवन मालवी को कहा कि इसको बहुत मारो आवाज मेरे कमरे तक आना चाहिए । फिर मेरे साथ चौकी में बहुत मारपीट की गई । बहुत बेरहमी से मारापीटा जिसको लेकर संतोष ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है । वहीं सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है । न्याय की मांग करने संतोष और उसकी पत्नी पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचे तो अधीक्षक ने उन्हें आश्वासन दिया है जरूर कार्रवाई होगी ।
पुलिस चौकी प्रभारी हिमांशु पांडे करनावद में बहुत सी आसामाजिक गतिविधियां चलवाने मे चर्चित हैं ।
पुलिस चौकी पर जनता के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, किसी को दीवानी केस में पूछताछ के लिए हाथ से लिखकर नोटिस ही देकर बुलाते हैं । गांव में कई जगह की ऐसी सूचना है कि पुलिस सहायता केन्द्र प्रभारी हिमांशु पांडे द्वारा जनता को परेशान किया जा रहा है । प्रधान आरक्षक उमेश चौहान पूर्व से ही नगर में विवादित हैं । हर बात के लिए पैसे की मांग रखते हैं चाहे छोटा सा नोटिस क्यों ना हो फिर चौकी पर आने के बाद अपना प्रभाव जनता को दिखाते हैं । हर काम के लिए मुझे इतने पैसे दे दो तुम्हारा काम कर दूंगा इस प्रकार से फरियादियों से बात ना करते हुए उनकी समस्या सुनना चाहिए और फरियादी को इंसाफ दिलाना चाहिए लेकिन पुलिस चौकी पर जनता के साथ सीधे मूंह बात तक नहीं कि जा रही है । अब देखना यह है कि संतोष को इंसाफ मिलता है या नहीं?। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मामा के सुराज मे वर्दी ,पद और अधिकारों के दुरुपयोग करने वालों पर एसपी अंकुश लगाऐंगे या ये खाकी की विश्वसनीयता को मिट्टी मे मिलाते रहेंगे ?

