टेरी टोरी फाइट से तेंदुआ की मौत या शिकारी से शिका तेंदुआ फारेस्ट चौकी के सामने मृत मिला?

गांव के किसान ने सूचना दी तो चौकी पर ड्यूटी कर्मचारी कहा था

कन्नौद
स्थानीय एस डी ओ ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि दिनांक 22/09/2023 को खातेगांव रेंज के अन्तर्गत सूखेडी फारेस्ट चौकी के सामने एक तेंदुआ मृत हालत में मिला। गांव के चौकीदार ने सुबह सात बजे बिटगारड सुखेड़ी को सूचना दी की फारेस्ट चौकी के सामने एक तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा है। यह सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी खातेगांव वंदना ठाकुर को दी जिन्होंने अपने अधिकारीयों को तत्काल लेकर परिक्षेत्र सहायक खातेगांव मानसिंह गौड़ एवं बिटगारड को लेकर मौके पर पहुंची। सुखेड़ी के कक्ष क्रमांक 296 में चौकी के सामने तेंदुआ मृत पड़ा है जिसका सिर पूर्व दिशा में पूछ पश्चिम दिशा में था। सिर एवं मुंह के आसपास घाव के निशान पाए गए मृत तेंदुआ के सभी अंग सुरक्षित है। दुसरी कहानी सुनील जाट निवासी मोला ने रात्रि आठ बजे खातेगांव से दुध देकर जा रहा था तब तेंदुआ सड़क के दाइ ओर खड़ा था।इएऔ मेरे द्वारा शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर चला गया घटना की सूचना स्थानीय अधिकारियों ने तत्काल जिला बन मंडला अधिकारी को दी गई एवं मौके पर एसडीओ श्री यादव खातेगांव से डॉक्टरों की लेकर घटनास्थल की ओर रवाना हुए जहां पर मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया तथा उसकी अंत्येष्टि की गई। सवाल यह होता है कि तेंदुआ फॉरेस्ट चौकी के सामने मृत अवस्था में पड़ा था तो वहां का चौकीदार कहां गया था क्या फॉरेस्ट चौकी पर रात के समय कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाती है अगर हा तो फिर चौकी किस बात की ? वन विभाग की ओर से एसडीओ श्री यादव ने जो प्रेस नोट जारी किया है उसमें अनेक बिंदु जांच के घेरे में आते हैं इससे स्पष्ट होता है कि क्षेत्र के वनों की सुरक्षा का दायित्व निभाने वाले क्षेत्र के अधिकारी से लेकर बिट गार्ड और चौकीदार तक लापरवाह है जिनके कारण वन का विनाश चल रहा है। तेंदुआ जब जिला चौकी के सामने मृत अवस्था में पड़ा था तो वहां पर जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद क्यों नहीं थे। इस पूरे मामले की जांच राज्य स्तर पर की जानी चाहिए । अधिकारी से लेकर क्षेत्रीय अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए और निष्पक्ष रूप से जांच की जाए इस मामले में बहुत कुछ बातें छुपी गई है जिसको सार्वजनिक किया जाए दोषी अधिकारियों के खिलाफ वन एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाए अन्यथा या वनों का विनाश हो रहा है वहीं पर क्षेत्र में दुर्लभ बहु उपयोगी जानवरों का अवैध रूप से शिकार किया जा रहा है जिससे कि आने वाले समय में वनों में जानवर की आहट नहीं सुनाई देगी।