देवास। वरिष्ठ कांग्र्रेस नेता पं. रितेष त्रिपाठी ने बताया कि देवास में बीओेटी प्रोजेक्ट के सभी कार्य समदडिया बिल्डर्स को दिए गए है। देवास शहर में शुक्रवारिया हाट से बीओटी प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई। शहर की सांस्कृति धरोहर पुराना कलेक्टर भवन को तोड़कर बीओटी योजना में नये भवन का निर्माण किया जा रहा है। सिविल लाईन स्थित शासकीय आवासों को भी तोड़कर नया बनाने का कार्य समदडिया बिल्डर्स को दिया गया। इसी क्रम में वर्तमान में माता टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व से स्थित भगवती सराय को तोड़कर बीओटी प्रोजेक्ट के तहत नया निर्माण करने के लिए भी समदडिया बिल्डर्स को दिया गया है। जो कि अनुचित है। देव स्थान प्रबंध समिति की संपत्ति भगवती सराय होना चाहिए। नगर निगम इसका मालिक कैसे हो गया। पुराने समय से ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भगवती सराय का उपयोग होता रहा है। वर्तमान में नगर पालिक निगम के पुराने भवन को भी बीओटी प्रोजेक्ट के तहत निर्माण की तैयारी की जा रही है। शहर में अव्यवस्थित विकास के साथ साथ जनप्रतिनिधि शासन से राशि स्वीकृति के बजाय कीमती जमीनों पर बीओटी प्रोजेक्ट अनेक शंकाओं कोे जन्म दे रहे हैं। पूर्व में शहर में विकास हुआ है जैसे सुपर मार्केट, प्राधिकरण मार्केट, चामुण्डा काम्पलेक्स, जिला अस्पताल, हाउसिंग बोर्ड द्वारा जवाहर नगर स्थित काम्पलेेक्स, विकास नगर में वाणिज्य सह आवासीय काम्पलेक्स कीमती जमीनों पर बने है। उस समय के जनप्रतिनिधियों ने मेहनत से शासन से राशि स्वीकृत करवाई थी तब जाकर यह निर्माण कार्य पूर्ण हुए थे जो आज भी दिखाई दे रहे हैं। बीओटी प्रोजेक्ट जानबूझकर जनप्रतिनिधियों द्वारा देवास शहर की जनता को थोपा गया है कीमती जमीनों पर दुकानें बनाकर संबंधित एजेंसी को कई गुुना लाभ पहुुंचाया जाएगा। जल्द ही भगवती सराय बीओटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत नहीं बने, धर्मस्य विभाग या अन्य किसी विभाग से जनप्रतिनिधि राशि स्वीकृत करवाकर इसका निर्माण कार्य करवाएं । इस हेतु हमारे द्वारा चरणबद्ध तरीके से अनुबंध निरस्त करने हेतु आंदोलन चलाया जाएगा।

