शहर भर में गाजर घास हों रही काटने का कोई इंतज़ाम नहीं गंदगी पसर रही मच्छरों का प्रकोप बड़ रहा कोई दवाई का छिड़काव नहीं हो रहा कचरे का अंबार लगा पड़ा का कचरा गाड़ी नहीं पहुँच रही विकास के नाम खड्डे मिल रहे चूरी मुरम तक नहीं डाल पा रहे जगह जगह जल जमाव व कीचड़ की समस्या बनी पड़ी परंतु जिम्मेदारो का ध्यान जनता की और नहीं । भ्रष्टाचार की भेट चड़ी नगर निगम
लाखों रुपये के डस्टबीन लगाये गये थे सब ग़ायब हो गए हर माह लाखों के बिल बन रहे परंतु शहर में अंधेरा छा रहा, जल वितरण की समस्या बनी ,स्वच्छता का अभाव , कचरा गाड़ी नहीं पहुँच रही, पूर्ण रूप से जल कर संपत्ति कर कचरा शुल्क नामांतरण शुल्क नक़्शा शुल्क मेला टैंक शुल्क वसूला जा रहा परंतु छोटी छोटी सुविधाओं से शहर की जनता वंचित है

