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देवास – देवास जिले के सिविल थाना क्षेत्र में पंजीकृत एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी को तृतीय सत्र न्यायालय ने सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला 19 दिसंबर 2021को थाना सिविल लाइन ने विभिन्न गंभीर 326, 324 भादवि की धाराओं के तहत आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीकृत किया गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 326 के तहत आरोप लगाए गए थे। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 7 गवाहों को प्रस्तुत किया, लेकिन सबूतों की कमी के चलते तृतीय सत्र न्यायाधीश (श्री राजेन्द्र कुमार पाटीदार ) साहब ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष की दलीलें
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 7 गवाहों को प्रस्तुत किया, लेकिन उनके बयान और सबूत आरोपी को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माने गए। अभियोजन के साक्ष्य न्यायालय को संतुष्ट करने में असमर्थ रहे।
बचाव पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता संकेत सोलंकी और जितेंद्र पाटीदार ने प्रभावी पैरवी की। उनके सहयोगी अधिवक्ता धर्मेंद्र मोदी और अरुणा चौधरी एवं रोहित भाठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्कसंगत दलीलें प्रस्तुत कर कपिल उर्फ कान्हा की निर्दोषता को साबित करने में सफलता प्राप्त की।
तृतीय सत्र न्यायाधीश ने सभी प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद को दोषमुक्त कर दिया। इस निर्णय से आरोपी कपिल उर्फ कान्हा को बड़ी राहत मिली है।

