देवास। शहर में रियल एस्टेट से जुड़ी एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 62 वर्षीय वृद्ध महिला श्रीमती सीमा शर्मा से 25 लाख 51 हजार रुपये लेने के बावजूद प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करने और वही प्लॉट किसी अन्य महिला के नाम रजिस्टर्ड कर देने का आरोप लगाया गया है। इस पूरे मामले को लेकर बुधवार को पीडि़ता के पुत्र शिवांग शर्मा एवं उनके अधिवक्ता एडवोकेट बृजेश शर्मा ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता आयोजित कर मीडिया को मामले की जानकारी दी।
चार वर्ष पुराना सौदा, बदले गए प्लॉट नंबर
प्रेसवार्ता में बताया गया कि लगभग चार वर्ष पूर्व कस्तुरी विहार कॉलोनी में प्लॉट का सौदा किया गया था। उस समय मौके पर कोई प्लॉट नंबर अंकित नहीं था, केवल जगह दिखाई गई थी। प्रारंभ में प्लॉट नंबर 9 का एग्रीमेंट कराया गया। बाद में कॉलोनी डेवलपर द्वारा यह कहकर प्लॉट नंबर बदला गया कि सभी एनओसी मिल चुकी हैं और टीएनसी से नक्शा भी पास हो गया है। इसके अनुसार वही जगह प्लॉट नंबर 3 दर्शाई गई और मार्च 2025 में पुन: नया इकरारनामा कराया गया।
25.51 लाख लेने के बावजूद नहीं हुई रजिस्ट्री
आरोप है कि कॉलोनी डेवलपर दिग्विजयसिंह एवं जयसिंह ठाकुर द्वारा 5 जून 2021 को इकरारनामा कर 20 लाख 51 हजार रुपये, 25 मार्च 2025 को नया इकरारनामा कर 5 लाख रुपये लिए गए। इस प्रकार कुल 25 लाख 51 हजार रुपये प्राप्त किए गए, इसके बावजूद पीडि़ता के नाम प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं की गई।
अन्य महिला के नाम कर दी गई रजिस्ट्री
जब रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया गया तो आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि उक्त प्लॉट पहले ही किसी अन्य महिला श्रीमती सीमा (सीमाबाई) मल्होत्रा के नाम रजिस्टर्ड किया जा चुका है। उप-पंजीयक कार्यालय में जांच करने पर यह तथ्य सही पाया गया।
एग्रीमेंट करने का अधिकार नहीं होने का आरोप
प्रेसवार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि जिस जमीन का एग्रीमेंट किया गया, वह कॉलोनी डेवलपर के नाम पर थी ही नहीं, इस कारण उन्हें एग्रीमेंट करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था। इसके बावजूद दस्तावेजों की कूट-रचना कर उनका आपराधिक उपयोग किया गया।
धमकी और राजनीतिक रसूख का आरोप
पीडि़ता पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर डराने-धमकाने का प्रयास किया और वृद्ध महिला की जीवनभर की कमाई हड़प ली। इसे सुनियोजित धोखाधड़ी, छल, मानसिक प्रताड़ना एवं गंभीर आपराधिक कृत्य बताया गया।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
पीडि़ता के पुत्र एवं अधिवक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना एवं आर्थिक नुकसान के मामलों में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि पूर्व में भी कॉलोनी के बंधक प्लॉट्स को नियम विरुद्ध बेचने के प्रयास किए जा चुके हैं, जिसकी शिकायत नगर निगम में दी गई है।

