खंडवा के लकड़ी तस्करों को देवास वन विभाग की सक्रियता से रात्रि गश्त के दौरान सागौन की लकड़ी सहित पकड़ा

देवास दिनांक 07/03/2026 की रात्रि में देवास वनमंडल अंतर्गत हरदा, खंडवा जिले के तस्करों द्वारा सागौन तस्करी किये जाने की सूचना मुखबिर द्वारा प्राप्त हुई | उक्त सूचना प्राप्त होने पर वनमंडल अधिकारी अमित चौहान के मार्गदर्शन निर्देशन एवं अंकित जामोद उपवनमंडल अधिकारी के निर्देशन में पूरे वनमंडल क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया तथा प्रत्येक परिक्षेत्र अधिकारी को उनके परिक्षेत्र अंतर्गत सघन रात्रि गश्ती किये जाने के निर्देश दिए गये | उक्त निर्देशों के पालन में परिक्षेत्र अधिकारियो द्वारा सघन रात्रि गश्ती की गई| रात्रि में वन परिक्षेत्र अधिकारी पुंजापुरा सत्येंद्रसिंह ठाकुर द्वारा गठित दल को पिपरी धारडी रोड पर संदिग्ध वाहनों की आवाजाही दिखाई दी| एक महिंद्रा पिकअप वाहन क्रमांक MH 41 AG 0665 बीट धरडी के कक्ष क्रमांक 517 की ओर से पिपरी की ओर आ रहा था जिसे रोककर वाहन चेक करने पर वाहन में 08 लोगों के साथ सागौन के 05 नग लट्ठे पाए गए, गाड़ी में बैठे लोगो ने भागने की कोशिश की परंतु वन स्टाफ ने उन्हें धर दबोचा एव जप्ती की कार्रवाई कर वन अपराध प्रकरण 44972/05 दि 08/03/2026 दर्ज किया गया। आरोपियों से पूछताछ करने पर बताया कि हमारे साथ में 02 मोटरसाइकिल आगे पायलटिंग पर निकल चुकी है| उक्त प्राप्त सूचना अन्य परिक्षेत्र अधिकारियो को तत्काल प्रदाय की | उक्त सूचना पर वन परिक्षेत्र अधिकारी काँटाफोड़ सुश्री विधि सिरोलिया ने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर उक्त दोनों मोटरसाइकिलों को पुंजापुरा कांटाफोड़ रोड पर रोका | दोनों मोटरसाइकिल चालक मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, मोटरसाइकिल होंडा शाइन वाहन क्रमांक MP 47MM 2258 एवं हीरो स्प्लेंडर प्लस वाहन क्रमांक MP 41 ZD 0620 की जप्ती कार्रवाई की गईl आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक आरोपी गणेश पिता विश्राम निवासी बारमलाय का फरार हो जाना बताया गया था उक्त फरार आरोपी को सुबह किशनगढ़ गांव मे वन अमले द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया । आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 एवं जैव विविधता अधिनियम, 2002 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को माननीय न्यायालय बागली में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को 14 दिन के लिए न्यायिक अभीरक्षा हेतु उपजेल बागली भेजा गया। सम्पूर्ण कार्यवाही टीम भावना के साथ की गई | जिसमे वनपाल श्री विजय मौर्य, श्री मूलचंद भार्गव, श्री तेजसिंह पवार सहित वनरक्षक श्री नंदकिशोर सालित्रा, श्री देवीसिंह भार्गव, श्री विक्रम माली, श्री नीरज पर्ते, श्री तरुण गंगराड़े, श्री सुखलाल मंडलोई, श्री गिरधारलाल राठौर, श्री हरिश परमार, श्री सुरपाल वास्केल, श्री मुकेश तंवर, श्री मोहनलाल पंचोनिया, श्री दुर्गाप्रसाद पवार, श्री जगदीश सरोलिया, श्री अर्पित शर्मा, श्री दिनेश मौर्य आदि का सहयोग सराहनीय रहा।