देवास। शहर के बालगढ़ क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां 22 वर्षीय एमबीए छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र पढ़ाई और परीक्षा के दबाव को लेकर लंबे समय से तनाव में था। बताया जा रहा है कि युवक प्रेस्टिज कॉलेज में एमबीए का छात्र था और साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। परिवार के अनुसार उसने अपने माता-पिता से अच्छे अंक लाने का वादा किया था, लेकिन कमजोर तैयारी और बढ़ते परीक्षा दबाव के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद में चला गया। सोमवार को घटना के समय घर पर उसकी बहन और भाई मौजूद थे। बहन जब कमरे में पानी पीने गई तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। शंका होने पर परिजनों और आसपास के लोगों को बुलाया गया और दरवाजा तोड़ा गया, जहां युवक फंदे पर लटका मिला। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि युवक के पिता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, जबकि माता शिक्षिका हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आपको बता दें कि यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अंकों और प्रतियोगिता की दौड़ में छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। जरूरत है कि परिवार, समाज और शिक्षण संस्थान मिलकर बच्चों से संवाद बढ़ाएं, दबाव नहीं सहारा दें। अगर कोई छात्र तनाव में दिखे तो समय रहते उसकी बात सुनना और मदद करना ही सबसे बड़ा सहारा बन सकता है

