20 लाख रुपये लेकर आ तभी घर में रहने देंगे ,ससुराल वालों ने नवविवाहिता को निकाला घर से

देवास। जहां एक ओर हर समाज में रूढ़ीवादी परंपराओं को समाप्त करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर अभी भी समाज में ऐसे दहेजलोभी परिवार है, जो दहेज के लिए अपनी बहू को प्रताडि़त कर रहे है। ऐसे ही एक दहेजलोभी परिवार के खिलाफ देवास के महिला थाना पुलिस ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3, 4, बीएनएस की धारा 3 (5), 85 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरियादिया शक्ति उर्फ पूर्वी गिरी पिता विष्णु गिरी निवासी ग्राम रतनखेड़ी टोंकखुर्द ने महिला थाना देवास पर आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी शादी गत 10 फरवरी 2024 को अभिषेक गिरी पिता प्रकाश गिरी निवासी ग्राम सलोटिया तहसील पिथमपुर जिला धार के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी के समय उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार दहेज देकर बेटी को विदा किया था, किंतु शादी के 4 दिन बाद से ही सास संध्या गिरी ने ताने मारना शुरु कर दिए कि हमने तो एक कमरा खाली करके रखा था कि दहेज लेकर आएगी तो वह सामान इस कमरे में रखेंगे, लेकिन तू तो तेरे घर से कुछ नहीं लाई। साथ ही सास ने यह भी कहा कि दहेज के रूप में 20 लाख रुपये लेकर आ जाओ, ताकि हम नया मकान बनाएंगे। सास के अलावा पति अभिषेक गिरी ताने मारते हुए कहता था कि तेरे मायके से कुछ नहीं लाई है, मुझे कंपनी (भागीरथ कंपनी पिथमपुर) में घाटा हो रहा है, तू तेरे पिताजी से 5 लाख रुपये लेकर आ, तभी तुझे रखूंगा। वहीं ससुर प्रकाश गिरी व देवर रितिक गिरी भी दहेज के लिए आए दिन प्रताडि़त करते रहे और सभी ने मिलकर मुझे घर से निकाल दिया और कहा कि जब तक तू 20 लाख रुपये नहीं लाएगी, तब तक घर पर मत आना। इसके बाद मैंने अपने पिता विष्णु गिरी को फोन पर सारी बात बताई, तो मेरे पिता मुझे लेने आ गए। उस दिन भी पति व ससुराल वालों को समझाया, किंतु वे नहीं माने। पुलिस ने फरियादिया की रिपोर्ट पर पति अभिषेक, सास संध्या, ससुर प्रकाश व देवर रितिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि अभी तक इन चारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।