देवास (खुमानसिंह बैस) सटोरियों की सक्रियता सांठगांठ से सफलता के लिये आसपास के जिलों मे भी बदनाम हो चुकी धार्मिक नगरी देवास मे सट्टा व्यपार सदाबहार है । यहां सटोरियों के सरदार,सटोरियों के ठेकेदार ,दलाल और संवरक्षक एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं और खाकी पर खादी सहित चांदी का दबाव बनाकर धन की खेती कर रहे हैं । देवास मे सट्टाबाजार पर पुलिस अधीक्षक शिवदयालसिंह के प्रभावी अंकुश को धता बताकर कुछ मादक पदार्थ माफियाओं तथा जुआ अड्डा संचालक दलालो ने उज्जैन रोड पर आनंद नगर मै सट्टे का नया अड्डा प्रारंभ करवा दिया । देवास के कुछ पत्रकारों की सूचना पर यहां औपचारिक छापा मारकर कार्रवाई की गई लेकिन सटोरियों की सेटिंग तगड़ी थी । दूसरे दिन नये साल पर सट्टा कारोबार आसानी से चल रहा था । पत्रकारों ने फिर शिकायत की और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार माफियाओ पर कार्यवाही करते हुए सीएसपी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस द्वारा दिनांक 1 जनवरी 2021 को आनंद नगर में सटोरियो पर कार्यवाही करते हुए 8 जुवारी सटोरियों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपीयो से सट्टा सामान और 6600 रुपये जपत किये गए।कार्यवाही में निरीक्षक उमराव सिंह सहित अनेक वर्दीधारी शामिल रहे। ,बताया जा रहा है कि पुलिस ने ब्रिज के नीचे चलने वाले सट्टे पर अंकुश लगाया,संचालक का जुलूस निकालकर जिलाबदर किया,फिर दो घर भी तोड़ दिये । इस कार्रवाई का फायदा उठाकर दूसरे जुआरी सटोरिये क्षेत्र मे सक्रिय हो गये और नया अड्डा शुरु कर दिया । अड्डे के संवरक्षक दलालों मे आनंद बाग के आन्दोलन मे प्रमुख भूमिका अदा करने वाले भी शामिल हैं ।आनंद नगर मे बेखौ़फ संचालित इस सट्टा अड्डे के संचालन मे सहयोगी पूर्व पार्षद द्वारा इस अड्डे का संवरक्षक देवास राजनीति के ध्रुव तारे को बताया जा रहा है जो दुष्प्रचार की साजिश है ,जबकि उनको पता भी नहीं है कि उनके नाम का इस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है । पुलिस अधीक्षक ने इस अड्डे को बंद नहीं करवाया तो आनंद नगर आतंक नगर बन सकता है क्योंकि यहां सभी तरह के काले धंधे चलते रहे हैं और अब सट्टा अड्डा भी चल रहा है ।

