देवास। जिले के ग्राम भानगढ़ की रहने वाली सजनबाई पति देवकरण को झांसे में लेकर मूॅह बोले भाई दलाल अरब अली पिता इबराम अली पटेल निवासी दूर्गापुरा, सिया के द्वारा एवं दोस्त दलाल भागीरथ मालवीय निवासी ग्राम जनोली बुजुर्ग तहसील देवास को साथ मेें लेकर जगदीश पिता रामा ग्राम निवासी जनोली बुजुर्ग को कृपि का मालिक बताकर, बनाकर, तात्कालीन पटवारी अनिल शर्मा के द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन चारो व्यक्तियों के द्वार कूटरचित दस्तावेज एवं फर्जी जमीन का मालिक बनकर दलाल अरब अली व भागीरथ के द्वारा गरिब महिला सजन बाई एवं उसके पति देवकरण को झांसे में लेकर ग्राम जनोली बुजूर्ग में स्थित कृपि भूमि को 6,75,000 रूपये में जगदीश पिता रामा को बतौर मालिक बताकर इन गरीब दिन हीन बुजूर्ग दम्पत्तियों को धोखे में रखकर नगदी रूपये लेकर बिक्रीखत के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों को आधार बताकर बेच दी। जब बुजूर्ग दम्पत्ती अपनी कृपि भूमि को अपने नामे करवाने बाबद एवं कब्जे दिलवाने के लिये इन चारो भूमाफियॉंओं के पास गई तो इनके द्वारा कहा गया कि, पटवारी अनिल शर्मा को 1,25,000/-एक लाख पच्चीस हजार देदोगे तो तुम्हारा सारा काम नामान्तरण, कब्जा आदि का करवा देंगे। इन गरीब दिनहीन अनुसूचित वर्ग के वृद्ध दम्पत्तीयों के द्वारा अपनी जिंदगी भर की कमाई कृपि खरीदने में लगाने के बाद अपने नामें की कृपि भूमि को नाम से करवाने के लिये पटवारी अनिल शर्मा को भी नगदी उनके द्वारा मंागे गये पैसे अपनी जेवराते बेचकर देने के उपरांत भी इन लोगों को न तो जमीन दी गई और ना ही उनके नाम से की गई और न ही कब्जा दिया गया है। बूजूर्ग दम्पत्तीयो के द्वारा करीब 8 साल से इन लोगों के चक्कर लगाती रहे है, ये लोग कोरे आवश्वासन देकर इन्हें भगाते रहे है। कानूनी कार्यवाही करने पर धमकी देते रहे है, हताश होकर ये लोग आपने अभिभाषक अशोक कुमार गुजराती, देवास से मिलने पर उनके द्वारा जानकारी निकालने पर ज्ञात हुआ कि इन बुजुर्ग दम्पत्तीयों को जो जमीन इन लोगों के द्वारा विक्रय की गई है। वह कृपि भूमि का मुख्य मालिके असरद नकवी पिता करम अली नकवी नि0 29/1, मोतीबंगला देवास, व शकील हुसैन पिता न्यास मोहम्मद निवासी गोमती नगर देवास के नाम से राजस्व रेकार्ड में दर्ज है, व कृपि भूमि भी पट्टे की कृपि भूमि होकर अहस्तातरणीय है। इस तरह से इन लोगों के द्वारा दूसरे अन्य व्यक्तियों की कृपि भूमि गरीब अनुसूचित जाति वृद्ध दम्पत्तीयों को धोखें मेें रखकर फजी दस्तावेजों के आधार पर विक्रय कर अपने जिंदगी भर की कमाई के पैसे खा गये है, जिसकी शिकायत पीडि़त परिवार के द्वारा अपने अभिभाषकक अशोक कुमार गुजराती के माध्यम से पुलिस अधिक्षक देवास, जिला कलेक्टर देवास, पुलिस थाना टोंकखूर्द, आई0जी0 महोदय, डी0आई0जी0 महोदय, पुलिस महानिरीक्षक भोपाल, मुख्यमंत्री महोदय, भोपाल, प्रधान मंत्री महोदय, नई दिल्ली, मानव अधिकार महोदय, भोपल को एक बार ही नहीं कई बार षिकायत लिखित में जनसुनवाई के माध्यम से एवं रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से की गई, किंतु इतने आला ऑफीसर एवं इतने देश एवं राज्य के मुखिया जो कि अपने आपको गरीबों का मसीहा कहते है के द्वारा इन गरीब पीडि़त महिला के साथ न्याय 9-10 साल से आज दिनांक तक नहीं किया गया है, फरियदियॉं की रिपोर्ट पर से पुलिस टोंकखुर्द के द्वारा फरियादियॉं एवं उसके पति एवं साक्षियों का दो-दो बार का बयान कम्प्यूटर्ड लिया गया है, कृपि भूमि से सबंधित सम्पूर्ण सत्यापित दस्तावेजे भी मंगनी करने पर दे चुके है, व तिन-तिन-थानेदार बदल चुके है, किंतु पीडि़तों की फरियाद आज तक न सूनकर आरोपियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जाकर एक बार नहीं बारम्बार थाने का चक्कर काटना पड रहा है और आरोपी बेखोफ होकर घूम रहे है और अनेक भोलेभाले अनुसूचित जाति के गरीब लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे है। शासन प्र्रषासन मुखदर्शक होकर ऐसे लोगों को बढ़ावा दे रही है और जनता के सामने अन्याय करने वालो को सबक सिखाने का झूंठा दिखावाकर झूठी वाह वाही लूट रही

