खदान संचालक अर्जुनसिंह और बेटों पर गंभीर प्रकरण दर्ज भाजपा नेता नीरज चैहान ने लगाए दलालों के सहयोग से झूठी रिपोर्ट करने के आरोप

देवास(खुमान सिंह बैस) विगत दिनों भाजपा नेता पदाधिकारी नीरजसिंह चौहान पर गिट्टी खदान संचालक अर्जुनसिंह ने मारपीट करने और अवैध वसूली करने के आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुखर्जी नगर निवासी अर्जुनसिंह ने भाजपा नेता नीरजसिंह चैहान पर साथियों के साथ मिलकर मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर टोंकखुर्द पुलिस ने नीरज सिंह चैहान पर विभिन्न धाराओं पर प्रकरण दर्ज किया था।
इस मामले मे नीरजसिंह चैहान द्वारा भी टोंकखुर्द थाने में अर्जुनसिंह के खिलाफ शिकायत करने पर पुलिस ने अर्जुनसिंह के खिलाफ धारा 323, 294, 506 और 34 आईपीसी में प्रकरण दर्ज किया है।
चैहान ने शिकायत में बताया कि 10 मई 2021 को दोपहर में अपने खेत पर ग्राम सेकली तहसील टोंकखुर्द गया था। उस दिन मेरे खेत के गेहूं निकल रहे थे। जब खेत पर गया तो देखा कि पहले से ही अर्जुनसिंह ने खेत पर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है जो कि पिछले 4 साल से चालू था। अर्जुन सिंह कभी भी उस रास्ते को बंद कर देता था और हमें आने जाने से मना कर देता था। उस रास्ते से गांव के 10 से 15 परिवारों का भी रास्ता है, जो अर्जुन सिंह ने चारों तरफ बाउंड्री करके रास्ता बंद कर दिया। जिसके कारण हमें अपने खेत पर जाने में काफी परेशानी आती है। उसी संबंध में अर्जुनसिंह से बात करने के लिए मेरे पड़ोस में स्थित गिट्टी खदान पर गया था। वहां पर तीनों बाप बेटे मौजूद थे। मैंने उनसे नमस्ते की और स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेकर रास्ता खोलने के लिए उनसे आग्रह किया। तभी उनके छोटे लड़के कोशराज ने मुझसे बदतमीजी की और गाली गलौज करने लगा जो मुझे और आसपास खड़े लोगों को सुनने में बुरी लगी। उसी बात पर हमारा विवाद हुआ। 4 दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है। वीडियो में अर्जुन सिंह द्वारा प्रेस नोट जारी करके मुझे और भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने की साजिश के तहत चलाया जा रहा और उसमें मुझे रंगदारी से पैसा मांगने की बात कही जा रही है जो वह पूरी तरीके से गलत है और खदानों की दलाली सहित नियमों के विरुद्ध खनन करने वालों के इशारे पर गुमराह किया जाने वाला कृत्य है । असल में यह मामला नहीं है। वर्ष 2014, 15 में अर्जुन सिंह के बेटे कोशराज के नाम से ग्राम सेकली में गिट्टी खदान की भूमि आवंटित हुई थी जो कि पहले से ही विवादित थी। उक्त भूमि पर पिछले दो-तीन वर्षों से विवाद चल रहा था। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सतीश जी उपाध्याय ने मुझसे संपर्क किया और कहा कि आपकी कृषि भूमि के पास में मेरे परिचित अर्जुन सिंह के बेटे कोशराज के नाम से गिट्टी खदान आवंटित हुई है। उनके द्वारा मुझसे कहा गया कि आपकी अर्जुन सिंह से मुलाकात करवा देता हूं। आप उनसे मिलकर उक्त विवादित भूमि का निराकरण करवा कर भूमि पर गिट्टी खदान चालू कर लो। सितंबर 2016 में सतीश उपाध्याय जी के द्वारा मेरी मुलाकात अर्जुन सिंह के घर पर करवाई। जहां पर अर्जुन सिंह के दोनों बेटे भी उपस्थित थे। सतीश जी उपाध्याय ने मेरा परिचय अर्जुन सिंह से और उनके दोनों बेटों से करवाया और उनको कहा कि आपको जो भूमि गिट्टी खदान के लिए आवंटित हुई है उसी के पास में इनकी कृषि भूमि है। आपको जो समस्या आ रही है वहां उनसे बातचीत कर लें ।यह आपके सभी विवाद निपटा कर गिट्टी खदान चालू करवा देंगे। सतीश उपाध्याय के माध्यम से उनसे बातचीत की गई और उनके द्वारा उक्त आवंटित भूमि पर जो समस्या आ रही थी उन सभी से चर्चा की गई। गिट्टी खदान चालू करवाने के पूर्व सतीश उपाध्याय द्वारा अर्जुन सिंह और उसके दोनों पुत्र और मेरे मध्य यह तय किया गया था कि उक्त विवादित भूमि पर समस्त विवाद निपट जाने पर गिट्टी खदान से जो भी फायदा होगा उसमें मेरी 3 प्रतिशत भागीदारी रहेगी व मेरे दो व्यक्तियों को गिट्टी खदान पर काम पर रखा जावेगा।
मेरे गांव के किसान, मेरा और मेरे परिवार का रास्ता हमेशा चालू रहेगा। इस बात पर उक्त भूमि पर आवंटित गिट्टी खदान चालू हो सकती है। इस बात पर अर्जुन सिंह और उसके दोनों बेटे और सतीश उपाध्याय द्वारा सहमति दी गई। मैंने गांव के सभी लोगों से बात करके 2016-17 में उनकी गिट्टी खदान चालू करवा दी। मैंने जब लिखा पढ़ी का बोला तो अर्जुन सिंह के बेटे कोशराज की शादी कुछ ही दिनों बाद होने वाली थी। सतीश उपाध्याय और अर्जुन सिंह ने शादी के बाद लिखा पढ़ी करने को कहा। जब खदान चालू हो गई तो मैंने लिखा पढ़ी का बोला तो उन्होंने साफ मना कर दिया और उनकी नियत खराब हो गई। इस संबंध में मैंने सोनकच्छ के पूर्व विधायक राजेंद्र वर्मा को अवगत करवाया। उन्होंने सतीश उपाध्याय और अर्जुन सिंह को बिठाकर समझाने की बात कही जो पिछले तीन-चार वर्षो से चलती आ रही है। इस इस संबंध में 20.07.2019 को टोंकखुर्द थाने में आवेदन दिया, जिसकी रिसिप्ट मेरे पास है। उसी दौरान के कुछ वीडियो और ऑडियो मेरे पास हैं जो यह प्रमाणित करते हैं कि मैंने अर्जुन सिंह से कोई रंगदारी नहीं की है और ना ही पैसे की मांग की है। मैंने सिर्फ अपनी जमीन पर जाने के रास्ते की मांग की है और अपने गांव वालों को उस रास्ते से निकलने के लिए अर्जुन सिंह से निवेदन किया है। उसी दौरान यह विवाद हुआ है। नीरजसिंह चैहान ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उक्त गिट्टी खदान के सीसीटीवी फुटेज 2 घंटे के निकाल कर पूरी जांच कर निष्पक्ष कार्यवाही की जाए।