देवास (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) जिले मे मादक+नशीले पदार्थो का कारोबार विशाल है… सरगना भी विशाल है… सांठगांठ का कमाल है… समाज और राष्ट्र की जड़ों को खोखला करने वाले मालामाल हैं ।
देवास शहर सहित जिले मे जगह जगह नशा कारोबारियों का जाल है । होटलों और ढाबों सहित उनके आसपास गांजा,चरस ,अफीम और ब्राउन शुगर आसानी से बिक रहे हैं । कुछ धार्मिक स्थलों और उनके आसपास भी यहा जहरीला व्यापार किया जा रहा है । जिम्मेदार जानकर भी अनजान हैं । नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र मादक पदार्थों और अवैध शराब का प्रमुख केन्द्र बन गया है । मीठातालाब की पाल पर नशीले पदार्थो की बड़ी डील से लेकर नशा बैचने और नशा करने वालों की भीड़ लगी रहती है । यहां एक सफेदपोश बोस के सरंक्षण मे सट्टा ,जुआ,अवैध शराब से लेकर चरस और गांजा सबसे अधिक बिक रहा है । क्षेत्र के कुछ धार्मिक स्थल भी अवैध नशा माफियाओं की गतिविधियों से अछूते नहीं हैं । हाल ही मे पूलिस ने चौबाराधीरा के शकील पिता ईदु खां को अल्टो कार सहित गिरफ्तार कर लाखों का गांजा जप्त किया है लेकिन गांजा आया कहां से?,जा कहां रहा था?, कब से यह कारोबार जारी था?,किसके सहयोग से जारी था जैसे प्रश्न अनुत्तरित ही रह गये जैसा अकसर होता है । नशा माफिया विशाल है, खादी का दलाल है और बांटता माल है तभी तो देवास जिले मे उसका बड़ा नेटवर्क और जाल है । वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नशा माफियाओं पर अंकुश नहीं लगाया तो देवास जिला मादकपदार्थों की मण्डी बन सकता है । जिले मे जाल तो बिछाया जा चुका है और युवाओं से लेकर महिलाओं को भी इस कारोबार मे शामिल कर लिया गया है । नशे के कारोबार का नाश करने के लिए ईमानदार कार्रवाई का अंकुश आवश्यक है ।

