वर्दी मे महिला श्रेष्ठता और सेवा साकार हो अवैध और असामाजिकों पर शक्तिरूपा का प्रहार हो (मामला सोनकच्छ थानाप्रभारी के लाईन अटैच का)

देवास/सोनकच्छ (खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) फिल्मों मे पुलिस अधिकारियों की भूमिका “दबंग”, “सिंघम”,रावड़ी राठौर और अन्य सिर्फ मनोरंजन के लिए होती हैं वास्तविक जीवन से इनका कोई संबंध नहीं होता ।
अच्छे और सच्चे पुलिस अधिकारी,कर्मचारियों द्वारा जनता से कभी दुर्रव्यवहार नहीं किया जाता और अवैध कारोबारियों पर ही स-शक्त प्रहार कर वर्दी की गरिमा को बढ़ाया जाता है ।
दुर्रव्यवहार को लेकर विवादों में घिरी सोनकच्छ थाना प्रभारी को पुलिस अधीक्षक द्वारा लाईन अटैच कर शैलेन्द्र मुकाती को सोनकच्छ थाने का प्रभार दे दिया गया ।
23 जून को देवास पुलिस लाईन से सोनकच्छ थाने पर पदस्थ की गई टीआई प्रीति बाथरी का एक माह से पूर्व वापस लाईन अटैच होने का मामला बुधवार को पूरे दिन सोशल मीडिया और साइट्स पर छाया रहा।
ईधर पत्रकार और अभिभाषक संघ ने थाना प्रभारी को हटाने की मांग कर नगर बन्द की चेतावनी भी दे डाली थी ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 23 जून को थाने पर पदस्थ निरीक्षक प्रीति बाथरी पदस्थापना के बाद से ही अपने व्यवहार को लेकर चर्चित रही और बहुचर्चित होकर पुलिस कर्तव्य प्रश्नचिन्ह बन गईं ।
थाना प्रभारी प्रीति बाथरी ने बहुत कम समय में ही नगर के एक अधिवक्ता, पत्रकारों और कुछ जनप्रतिनिधियों सहित भाजपा कार्यकर्ता से विवाद करते हुए ऐसे हालात बना दिये कि उनकी शिकायत पुलिस अधिक्षक सहित उच्च अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को कर बाथरी को सोनकच्छ थाने से हटाए जाने की मांग की जाने लगी थी।
थाना प्रभारी बाथरी अपने सख्त मिजाज ,लेन-देन और अजीबो-गरीब फरमान जारी करने को लेकर भी चर्चा आ गई थीं।
।उनके खिलाफ उच्चअधिकारीयों के पास शिकायतें भी बडती जा रही थीं ।
मंगलवार को आदत अनुसार उन्होने मामूली विवाद के चलते ग्राम चौबारा जागीर निवासी भाजपा बूथ कार्यकर्ता जयसिंह पिता फूलसिंह सेंधव को थाने पर बुलवाया और दिनभर बैठाकर अपमानित किया ।
मामले मे बूथ कार्यकर्ता का कहना है कि मेरे साथ टी आई द्वारा गाली-गलोच कर पुलिस जवान से मुझे पिटवाया और मुझे घर जाने के लिए पांच हजार रुपए की मांग की ।
भाजपा कार्यकर्ता के बयान का वीडियो क्षेत्र में वायरल हो रहा है । जब जयसिंह ने जन प्रतिनिधियों से बात करने को कहा तब टीआई ने स्पष्ट मना कर दिया। यह खबर तेजी से जिले में फैल गई।
पूरा घटनाक्रम शाम तक चला, मामला सोशल मीडिया पर भी गर्माने लगा और स्थिति बिगड़ने लगी तब कहीं जाकर जिले के वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप करना पड़ गया जिसके बाद बूथ कार्यकर्ता को घर जाने दिया।
देर रात जिला पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयालसिंह द्वारा प्रीति बाथरी को सोनकच्छ से देवास लाइन अटैच कर दिया गया और उनके स्थान पर नवागत थाना प्रभारी के रुप में नाहर दरवाजा थाना देवास के प्रभारी शैलेन्द्र मुकाती को सोनकच्छ पदस्थ किया गया है।

महिला थाना प्रभारी द्वारा पिछले 28 दिनों में किए गए दुर्व्यवहार –

थाना संभालते ही चौथे दिन थाना प्रभारी द्वारा अभिभाषक संघ के सदस्य से एक प्रकरण के मामले में जानकारी लेने पर अभद्र व्यवहार किया गया ।
तीन दिन बाद पत्रकारों के साथ बत्तमीजी कर अपशब्दों का प्रयोग किया गया ।
क्षेत्र के सरपंच और उसकी पत्नी से घर जाकर मारपीट की, और धारा 110 में प्रकरण दर्ज किया।
चोरी के प्रकरण में जानकारी लेने गए पत्रकार को अपमानित कर जानकारी लेने और देने से मना किया।
थाने में हुई वारदात को फरियादी के घर बताकर फरियादी के परिजन के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने की धमकी देकर उन्हे अपमानित कर भगा दिया गया।
ग्राम चौबारा जागीर के एक भाजपा कार्यकर्ता को बैठाकर जबरन मारपीट की और फरियादी के अनुसार पैसे की मांग की।
इसके अलावा कुछ प्रकरण ऐसे भी है जो जनता के डर के मारे सामने नही आए।
पुलिस जनता की रक्षक ,सेवक,सहयोगी और मार्गदर्शक होती है पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयालसिंह की तरह । कुछ चाटूकारों और अवसरवादियों द्वारा सिंघम के रुप मे प्रचारित कर देने से जंगल राज साकार नहीं करती ।
देवास और जिले मे यह सिंघम का प्रचार-प्रसार बंद होकर वर्दी के वरदान,गौरव और सेवक को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ।
महिला पुलिस अधिकारी खुद को श्रेष्ठा और जनसेवक के रुप मे स्थापित करें तो उन्हें भरपूर सम्मान-सहयोग मिलेगा जनता का भी,पत्रकारों का भी । अवैध कारोबारियों और अपराधियों पर प्रहार ,आमजन से सम्मानित व्यवहार ही पुलिस शब्द के अर्थ को साबित करता है ।