
देवास(खुमानसिंह बैस/शाकिर अली दीप) समय कभी भी किसी को भी शक्तिमान और शक्तिहीन बना सकता है । हाटपीपल्या के विधायक मंत्री दीपक जोशी को कांग्रेस के जिस मनोज चौधरी ने पराजित किया अब वही मनोज भगवा गले मे डालकर भाजपा बैनर तले विधायक का उप चुनाव लड़ने को तैयार हैं ।
कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह बघेल का नाम सामने आ रहा है लेकिन दोनो की विजय मे संदेह होकर एक युवा गौ-सेवक को यह विधायक पद बहुत आसानी से मिलता दिखायी दे रहा है ।
कांग्रेसी विधायक मनोज चौधरी भाजपा मे जाकर अपना जनाधार ,विश्वसनीयता खो चुके हैं परिवार सहित विश्वासघाति , अवसरवादि , बिकाऊ और जयचंद जैसी उपाधियों से पहचाने जा रहे हैं । कांग्रेसी मतदाता इन्हें वोट नहीं देंगे वहीं भाजपाई मतदाताओं की नाराजगी इसलिये है कि भाजपा के दीपक जोशी और रायसिंह सेंधव जैसे दमदारों को एक दलबदलु के कारण उपेक्षित किया गया है ।
हाटपीपल्या मे मनोज चौधरी की पराजय तय है यह साफ दिखाई दे रहा है । कांग्रेसी मतदाताओं द्वारा अपने प्रत्याशी को वोट तो दिये जाएंगे लेकिन वह निर्णायक नहीं होंगे ।
सीट विवादास्पद होने का शतप्रतिशत फायदा शिक्षित ,सरल ,श्रीराम भक्त हनुमान के परम भक्त,गौ-सेवक युवा उमेश चौधरी को मिलता दिखायी दे रहा है । 14 वर्षों से धार्मिक यात्रा निकाल रहे उमेश चौधरी बजरंग सैना के संस्थापक हैं और हाटपीपल्या के 160 गाःव मे इनके युवा गौ-रक्षक ,सेवक सक्रिय होकर अपना मजबूत आधार रखते हैं । उमेश चौधरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे को अपना आदर्श मानते हैं और खुद को गौ-सेवक के रुप मे समर्पित कर दिया है ।
उमेश चौधरी की गौ सेवा,गौरक्षा को हाटपीपल्या से विधायक का पद उपहार स्वरुप मिल रहा है । कांग्रेस भाजपा कितने ही दावे करें लेकिन विजय दीख रही है उमेश चौधरी की ।
उमेश चौधरी क्यों दमदार हैं यह बता रहे हैं खुद उमेश चौधरी , अपने विधानसभा क्षेत्र हाटपीपल्या के लिये अनेक योजनाओं के साथ ।


